सितंबर के महीने में आमतौर पर उल्कापात नहीं होता लेकिन इस वर्ष इन दिनों परसीड उल्कापात हो रहा है, जो कि परसियस तारा समूह की दिशा से आता है। गुरुवार की रात यह अपने चरम पर पहुंचकर बहुत ही आकर्षक नजारे प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सोमवार को अमावस्या के बाद इस रात चंद्रमा की रोशनी बहुत कम होगी।
9 सितंबर को ही चंद्रमा और शुक्र कोणीय रूप से सर्वाधिक नजदीक होंगे। शुक्र के क्रेसेंट मून (नव अर्द्धचंद्र) के बेहद निकट आ जाने से जहां बहुत खूबसूरत नजारा दिखेगा। वहीं शुक्र ग्रह इस रात सर्वाधिक चमकीला भी नजर आएगा, क्योंकि जहां पूर्ण चंद्र शुक्र ग्रह से 1500 गुना ज्यादा चमकीला होता है। वहीं इस रात चांद शुक्र से केवल दस गुना चमकीला होगा और और शुक्र ग्रह खुलकर अपनी चमक बिखेरेगा।
आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे के अनुसार इस रात वैसे शुक्र ग्रह चांद के मुकाबले पृथ्वी से 400 गुना ज्यादा दूरी पर होगा, लेकिन कोणीय रूप से चांद के बहुत निकट आ जाएगा।