पुलिस ने पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले भारी वाहनों को गूमखाल में और मैदानी क्षेत्र से आने वाले भारी वाहनों को कोटद्वार के सिद्धबली बैरियर पर रुकवा दिया। ऐसे में लोगों को पूरा दिन सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। कई लोग बस से उतरकर गूमखाल से दुगड्डा ऐता तक छोटे वाहनों में पहुंचे। इसके बाद एनएच विभाग ने सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी का कटान शुरू किया और 17 घंटे बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी गई।
चार वर्षों से खस्ताहाल है सड़क
वर्ष 2018 में आई बाढ़ के कारण खोह नदी के उफान के कारण कोटद्वार-दुगड्डा के बीच हाईवे पर आधा दर्जन डेंजर जोन बने हुए हैं। नदी से सड़क का पुश्ता निर्माण के लिए नदी में जेसीबी ले जाने की वन विभाग की ओर से इजाजत नहीं दी गई, जिसके कारण पिछले चार वर्षों से सड़क खस्ताहाल बनी हुई थी। विभाग हाईवे के धंसे हुए हिस्से के किनारे पत्थर लगाकर काम चला रहा था। लंबे प्रयासों के बाद कुछ दिन पूर्व हाईवे के नीचे पुश्ता निर्माण का कार्य चल रहा था। हाईवे के नीचे खोदे जाने के कारण हाईवे नीचे ढह गया।
बल्ली मार्ग पर लगा जाम
एनएच के ढहने से पुलिस ने छोटे वाहनों को बल्ली रोड पर डायवर्ट तो कर दिया लेकिन दुगड्डा और कोटद्वार पीडब्लूडी कालोनी के पास यातायात नियंत्रित नहीं होने से दुगड्डा की ओर से कोटद्वार आने वाले और कोटद्वार से दुगड्डा की ओर जाने वाले वाहन संकरे बल्ली मार्ग पर चल दिए। इस कारण बल्ली मार्ग पर जाम लग गया। लोग सुबह से शाम तक जाम में फंसे रहे।
सड़क पर पुश्ता निर्माण का कार्य चल रहा था। सड़क के नीचे खुदी होने के कारण सोमवार रात 11 बजे सड़क नीचे ढह गई। पहाड़ी को काटकर मंगलवार शाम चार बजे सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
- आशीष सैनी, जेई, लोनिवि एनएच खंड धुमाकोट