उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम को प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप स्मार्ट स्प्रिचुअल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर अलकनंदा नदी के तटबंध कार्यों के अलावा प्लाजा, जल निकासी, सीवेज, लाइट, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, शौचालय, पुल आदि के सौंदर्यीकरण व पुनर्निर्माण के कार्य होने प्रस्तावित हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बदरीनाथ धाम का धार्मिक के साथ ही आर्थिक महत्व भी है।
यहां से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। प्रथम चरण में यहां पर अस्पताल के विस्तारीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, तटबंधों में सुदृढ़ीकरण, लैंडस्केपिंग, भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया, पुलों की रेट्रोफिटिंग आदि कार्य होने हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश भी उपस्थित थे। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें यहां होने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में बताया गया।
85 हेक्टेयर भूमि में होने हैं कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम में आगामी 100 वर्षों की आवश्यकताओं के मद्देनजर सुविधाओं का विकास होना है। कुल 85 हेक्टेयर भूमि में चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जाने हैं। बदरीनाथ धाम में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
व्यास, गणेश गुफा का कायाकल्प होगा
इसी के साथ यहां पर व्यास गुफा, गणेश गुफा और चरण पादुका आदि का भी पुनर्विकास किया जाना है।