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उत्तराखंड: स्प्रिचुअल टाउन के रूप में विकसित होगा बदरीनाथ धाम, होंगे 100 करोड़ के विकास कार्य

Thu, 06 May 2021 11:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

बदरीनाथ धाम में स्प्रिचुअल टाउन का निर्माण होगा। समझौता पत्र पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से सचिव तन्नू कपूर और उत्तराखंड की ओर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने हस्ताक्षर किए। 
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बदरीनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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बदरीनाथ धाम में स्प्रिचुअल टाउन का निर्माण होगा। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में केदारनाथ उत्थान ट्रस्ट व तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पब्लिक सेक्टर कंपनियों के मध्य बदरीनाथ धाम को स्मार्ट स्प्रिचुअल टाउन के रूप में विकसित करने को लेकर लगभग 100 करोड़ के कार्यों के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।

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समझौता पत्र पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से सचिव तन्नू कपूर और उत्तराखंड की ओर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने आश्वासन दिया कि तेल कंपनियां गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के विकास में भी सहयोग देंगी। सचिवालय में वर्चुअल रूप से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मार्गदर्शन में वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद पुनर्निर्माण के कार्य शुरू हुए थे, जो कि अब अपने अंतिम चरणों में हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने बदरीनाथ धाम के कायाकल्प का भी निर्णय लिया था।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम के विकास में तेल कंपनियों का योगदान सराहनीय है। राज्य सरकार का फोकस क्षेत्र में होमस्टे को बढ़ावा देने पर है, ताकि श्रद्धालुओं को यहां आने पर सस्ती सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में बदरीनाथ धाम के कायाकल्प के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उत्तराखंड के चार धामों का विशेष महत्व है। बदरीनाथ धाम के कायाकल्प को लेकर तेल कंपनियां प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बदरीनाथ व केदारनाथ धामों की भांति ही उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमनोत्री धामों के लिए भी कुछ कार्य कराए जाएंगे।

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बदरीनाथ धाम का धार्मिक के साथ ही आर्थिक महत्व भी है

उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम को प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप स्मार्ट स्प्रिचुअल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर अलकनंदा नदी के तटबंध कार्यों के अलावा प्लाजा, जल निकासी, सीवेज, लाइट, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, शौचालय, पुल आदि के सौंदर्यीकरण व पुनर्निर्माण के कार्य होने प्रस्तावित हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बदरीनाथ धाम का धार्मिक के साथ ही आर्थिक महत्व भी है।

यहां से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। प्रथम चरण में यहां पर अस्पताल के विस्तारीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, तटबंधों में सुदृढ़ीकरण, लैंडस्केपिंग, भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया, पुलों की रेट्रोफिटिंग आदि कार्य होने हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश भी उपस्थित थे। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें यहां होने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में बताया गया।

85 हेक्टेयर भूमि में होने हैं कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम में आगामी 100 वर्षों की आवश्यकताओं के मद्देनजर सुविधाओं का विकास होना है। कुल 85 हेक्टेयर भूमि में चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जाने हैं। बदरीनाथ धाम में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

व्यास, गणेश गुफा का कायाकल्प होगा
इसी के साथ यहां पर व्यास गुफा, गणेश गुफा और चरण पादुका आदि का भी पुनर्विकास किया जाना है।
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