प्रधानाचार्य के माध्यम से मिलेंगे प्रमाणपत्र
सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय की ओर से जारी प्रमाणपत्र स्कूल के प्रधानाचार्य को उपलब्ध कराए जाएंगे। एक सप्ताह के भीतर उन्हें संबंधित छात्र-छात्राओं के बीच इनका वितरण करना होगा। किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर जिला स्तरीय समिति के स्तर से संबंधित को तात्कालिकता के आधार पर यथावश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। दो माह के भीतर यह योजना पूरी तरह से शुरू हो जाएगी।
जिला स्तरीय समिति ये काम करेगी
- जिला स्तर पर 11वीं, 12वीं में पढ़ रहे छात्रों की संख्या का आकलन करना।
- तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति से विद्यालय में भ्रमण करने वाली टीमों(पटवारी, लेखपाल, कानूनगो और सीएससी के डाटा एंट्री ऑपरेटर) का तिथिवार रोस्टर तैयार करना।
- निवास स्थान, चरित्र, आय और पर्वतीय प्रमाणपत्र एवं अन्य प्रमाण पत्र निगर्त किए जाने की प्रक्रिया के लिए समयसीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना बनाना।
- जिला स्तर पर इस योजना की साप्ताहिक सुनवाई होगी और निगरानी की जाएगी।
तहसील स्तर की समिति ये काम करेगी
- तैयार रोस्टर की सूचना से संबंधित विद्यालयों को अवगत कराते हुए प्रचार प्रसार करना।
- प्रमाणपत्रों के लिए आवश्यक दस्तावेज की सूचना प्रधानाचार्यों, छात्रों, अभिभावकों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना।
- तहसील स्तर पर रोजाना शिकायतों की सुनवाई और निगरानी।