फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नैनीसैनी एयरपोर्ट से 10 महीने से बंद हैं उड़ानें, 20 सीटर विमान चलाने को तैयार हेरिटेज एविएशन

Mon, 14 Dec 2020 10:57 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़

सार

  • राज्य सरकार की ओर से ठोस पहल न होने से निराश हैं सीमांत के लोग
विज्ञापन
Flight - फोटो : पेक्सेल्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अरबों रुपये खर्च कर नागरिकों की सुविधा के लिए बनाए गए पिथौरागढ़ नैनीसैनी एयरपोर्ट से पिछले दस माह से विमान सेवा बंद है। इस एयरपोर्ट से कभी भारतीय वायु सेना के विमान तो कभी चिनूक हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं। 28 साल के इंतजार के बाद संचालित एयरपोर्ट से नागरिकों के लिए शुरू की गई विमान सेवा के संचालन के लिए सरकार की ओर से ठोस पहल न होने से सीमांतवासी निराश हैं। 

विज्ञापन


चीन और नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के नैनीसैनी में 1991 में हवाई पट्टी बन गई थी। नियमित व्यावसायिक उड़ान के लिए ट्रायल में हवाई पट्टी छोटी पड़ने पर पांच साल पहले लगभग 65 करोड़ की लागत से इसका विस्तार किया गया। 1600 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा रन-वे बनाया गया।


हवाई पट्टी विस्तार के बाद प्रदेश सरकार ने नवंबर 2015 में नौ सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग कर 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ानें शुरू करने की कोशिश की थी। कई खामियों के कारण 2016 में भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन विभाग की अनुमति मिलने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर ब्रिगेड तैनात कर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर स्थापित किया गया।
विज्ञापन


आठ अक्तूबर 2018 को ट्रायल लैंडिंग हुई और डीजीसीए की अनुमति मिलने के बाद आखिरकार 17 जनवरी 2019 को पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई। देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान के बाद 11 अक्तूबर 2019 को गाजियाबाद के हिंडन के लिए भी सीधी विमान सेवा शुरू हुई, लेकिन 20 मार्च को लैंडिंग के दौरान रनवे पर विमान फिसलने के बाद से विमान सेवा ठप है।

चीन और नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यह एयरपोर्ट सामरिक महत्व का भी है। एयरपोर्ट के बनने से भारतीय वायु सेना को भी विमान और बड़े हेलीकॉप्टर उतारने की सुविधा मिली है। पिछले दस महीनों में इस एयरपोर्ट से भारतीय वायु सेना के विमान और चिनूक हेलीकॉप्टर ही उड़ रहे हैं, जबकि लोगों को सड़क मार्ग से 16 से 19 घंटे का सफर तय कर दिल्ली-देहरादून पहुंचना पड़ रहा है। यदि नियमित विमान सेवा शुरू होती तो बीमार और घायलों को भी समय से बड़े अस्पतालों में पहुंचाकर उपचार दिया जा सकता।

विज्ञापन

रियायत मिले तो 20 सीटर विमान चलाने को तैयार है हेरिटेज एविएशन

नैनीसैनी एयरपोर्ट से पंतनगर, देहरादून और गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के लिए नौ सीटर विमान का संचालन करने वाली हेरिटेज एविएशन कंपनी रियायत मिलने पर 20 सीटर विमान चलाने को तैयार है। कंपनी के सीईओ रोहित माथुर ने बताया कि जिस नौ सीटर विमान को पहले चलाया गया था, उसके संचालन के लिए पायलट उपलब्ध नहीं है।

भौगोलिक आधार पर इस एयरपोर्ट पर इस प्रकार का एयरक्राफ्ट उड़ाने के लिए 300 घंटे उड़ान का अनुभव होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ से यात्रियों की संख्या काफी है। उड़ान योजना के तहत केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार के स्तर से भी रियायत मिले तो वे 20 सीटर विमान के संचालन के लिए तैयार हैं। 

पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं से उन्होंने कुछ दिन पूर्व देहरादून में मुख्यमंत्री को अवगत कराया था। इसी दौरान पिथौरागढ़ के नैनीसैनी से हवाई सेवा शुरू करने का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। शीघ्र ही नैनीसैनी से पंतनगर, देहरादून और हिंडन के लिए हवाई सेवा शुरू करवाने का प्रयास किया जा रहा है। 
- चंद्रा पंत, विधायक पिथौरागढ़। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें