मुख्य सचिव ओम प्रकाश के मुताबिक कोविड की स्थिति को लेकर हर सप्ताह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक होती है। यदि स्थिति सुधरी तो कोविड को लेकर बनाए गए मानकों में कुछ छूट दी जा सकती है। मुख्य सचिव ने कहा कि काफी तैयारी के बाद कालेज खोले जाने को लेकर एसओपी जारी की गई है।
हालांकि एक सीमा से अधिक इसमें छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि अभी केवल प्रयोगात्मक विषय वाले छात्रों को कालेज बुलाया गया है। अभिभावकों से अनुमति लेकर उन्हें कालेज आने को कहा गया है। मंगलवार को कालेज खुलने का पहला दिन है। धीरे-धीरे कालेज आने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा होगा।
प्रदेश में मंगलवार से कालेज खुल गए हैं। ऐसे में अधिकतर कालेजों ने पहले दिन प्रदेश के बाहर के छात्रों से ही कोविड-19 की जांच रिपोर्ट मांगी। जबकि स्थानीय छात्रों से इसे नहीं मांगा गया। डीएवी पीजी कालेज देहरादून के मुख्य नियंता डा. अतुल सिंह के मुताबिक प्रदेश के बाहर के छात्रों को कोविड-19 की जांच रिपोर्ट ली गई।
स्थानीय छात्रों से जांच रिपोर्ट नहीं मांगी गई। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के सहमति पत्र लाने वाले छात्र-छात्राओं को ही कालेज में प्रवेश करने दिया गया। राजकीय पीजी कालेज डोईवाला के प्राचार्य डा.डीसी नैनवाल के मुताबिक स्थानीय छात्रों के लिए कोविड-19 की जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता न होने की वजह से इसे स्थानीय छात्रों से नहीं मांगा गया।