हिमालयी अध्ययन मिशन के तहत वेटलैंड को संरक्षित करने को लेकर मसौदा तैयार किया गया है। इसके तहत वेटलैंट को संरक्षित करने के साथ ही उन्हें पर्यटन केद्रों के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। वेटलैंड में पानी की पर्याप्त मात्रा होने पर नौकायन समेत अन्य गतिविधियां होंगी। पर्यटकों की आवाजाही से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया होंगे।
देश के115 वेटलैंड रामसर श्रेणी में शामिल
आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरी दुनिया में कुल 2200 वेटलैंड हैं। जिन्हें रामसर श्रेणी में शामिल किया गया है। देश में कुल 115 वेटलैंड ऐसे हैं जो रामसर श्रेणी में शामिल हैं। इसमें उत्तराखंड का आसन कंजर्वेशन रिजर्व एकमात्र रिजर्व है। जिसे रामसर वेटलैंड श्रेणी में शामिल किया गया है।
क्या है वेटलैंड
वेटलैंड दलदली या नम जमीन को कहते हैं। इसमें दलदल के साथ पानी भी होता है। वेटलैंड में वनस्पतियों की कई प्रजातियों के साथ ही जलीय जंतुओं की कई प्रजातियां पायी जाती हैं। रामसर वेटलैंड के रूप में वर्ष 1971 में ईरान में कैस्पियन सागर से सटे रामसर इलाके की दलदली जमीन को वेटलैंड (आर्द्र भूमि) के तौर पर चिह्नित किया गया। रामसर के बाद पूरी दुनिया में हजारों की संख्या में वेटलैंड चिह्नित किए गए और संबंधित देशों की सरकारों ने इनके संरक्षण को लेकर तमाम योजनाएं भी शुरू कीं।
देश में अब तक 42 रामसर वेटलैंड क्षेत्रों को संरक्षण के लिए चयनित किया गया है। पहले चरण में त्रिपुरा के रुद्रसागर झील को संरक्षित किया गया है। वेटलैंड के संरक्षण से इसमें पायी जाने वाली वनस्पतियों के साथ ही जलीय जंतुओं को भी संरक्षित किया जाएगा।
-किरीट कुमार, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन