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उत्तराखंडः जमीन के नए सर्किल रेट लागू, लेकिन राजपुर और सहारनपुर रोड पर नहीं बढे़े सर्किल रेट 

Tue, 14 Jan 2020 09:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • प्रदेश मंत्रिमंडल ने रविवार को लिया था फैसला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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प्रदेश में सोमवार से भूमि की नए सर्किल रेट लागू हो गए हैं। वित्त विभाग ने नई दरों का शासनादेश जारी कर दिया। प्रदेश के सभी जिलों में भूमि के सर्किल रेट बढ़ने से कृषि और अकृषि भूमि महंगी हो गई है। शासनादेश में सभी जिलों में क्षेत्र के हिसाब से तय सर्किल रेट को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। पौड़ी और नैनीताल जिले में सबसे ज्यादा कृषि व अकृषि भूमि की दरों में वृद्धि की गई है।

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जबकि चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में जमीन के रेट में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है। पौड़ी जिले में कई क्षेत्रों में जमीन के रेट 100 से 800 प्रतिशत तक बढ़ाए गए है। वहीं, नैनीताल में एक प्रतिशत से लेकर 250 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए गए है। चंपावत जिले के 758 क्षेत्रों में 5 से 20 प्रतिशत ही सर्किल रेट बढ़ा है। जबकि देहरादून जिले में जमीन की कीमतों में अधिकतम 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। 

प्रदेश में उन क्षेत्रों में जमीन की सर्किल रेट में बढ़ोतरी हुई है। जहां पर पहले रेट में विसंगतियां थी। कई क्षेत्रों में एक ही जगह पर कृषि और अकृषि भूमि की सर्किल रेट में काफी अंतर था। इसे अब एक समान किया गया है। जिलों से आए प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। - सौजन्या, सचिव एवं आयुक्त स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग
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सहारनपुर रोड के ज्यादातर इलाकों में 14 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर ही रखे गए 


देहरादून में राजपुर रोड और सहारनपुर रोड स्थित जमीनों के सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। प्रशासन का तर्क है कि इन मार्गों से कई सालों से बेहद कम रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसी तरह हरिद्वार रोड और शहर के पुराने इलाकों में भी इस बार सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। 


राजपुर रोड पर 50 मीटर तक की दूरी पर बीते तीन सालों में बमुश्किल 10-12 रजिस्ट्रयां हुई हैं। जबकि, इससे अंदर भी जमीनों की खरीद फरोख्त न के बराबर है। ऐसे में यहां पर 50 मीटर तक 50 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर और इससे अधिक की दूरी वाली भूमि के लिए 30 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर ही रखे गए हैं।

 

इसके अलावा सहारनपुर रोड और इससे सटे मोहल्लों व कॉलोनियों में भी सर्किल रेट जस के तस रखे हैं। यहां आवासीय के लिए 14 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर और व्यवसायिक निर्माण के लिए 28 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर ही सर्किल रेट हैं। 

मुख्य मार्गों से 350 मीटर की दूरी के क्षेत्र, जहां अपरिवर्तित रहे सर्किल रेट 

राजपुर रोड पर घंटाघर से आरटीओ कार्यालय तक
आरटीओ कार्यालय से मसूरी बाईपास तक, कुठालगेट, मालसी तक
गांधी रोड पर घंटाघर से लेकर सहारनपुर चौक तक
चकराता रोड पर घंटाघर से बल्लुपुर चौक तक
प्रिंस चौक से रिस्पना पुल तक
न्यू कैंट रोडए ईसी रोड, सुभाष रोड
घंटाघर क्षेत्र के भीतरी इलाके
जीएमएस रोड के क्षेत्र
 

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18 हजार तक के स्लैब में नहीं हुआ कोई बदलाव 

देहरादून जिले में 18 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक की दर वाले क्षेत्रों में सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि 14 हजार रुपये या इससे कम वाली दरों के क्षेत्रों में 10 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इधर सबसे कम कीमत वाले क्षेत्रों में ही 36 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी सर्किल रेट में की गई है। 

ज्यादातर बढ़ोतरी वाले इलाकों में देहराखास, कारगी क्षेत्र, हरिद्वार बाईपास रोड, नेशविला रोड, सहस्रधारा क्रॉसिंग, रायपुर रोड, विधानसभा क्षेत्र आदि शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक यहां भी सर्किल रेट बढ़ाने बड़ा कारण इन क्षेत्र विशेष में जमीन के आधार दाम बेहद कम होना है। जबकि जहां सबसे अधिक बढ़ोतरी यानी 36 से 40 फीसदी हुई है, वहां पहले दाम केवल 3000 रुपये प्रति वर्गमीटर ही था। यह भी अब बढ़कर 4000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक हो जाएगा। 

अभी किया जा रहा है आंकलन, पुराने रेट पर ही रजिस्ट्री 

अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि सोमवार को जिले में कुल 40 रजिस्ट्रयां हुई हैं। इनमें भी ज्यादातर पुरानी दरों पर ही हुई हैं। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से जिन स्लैब की जानकारी दी गई थी, वहां पर अभी क्षेत्रों का आंकलन चल रहा है। एक-दो दिन में ही सारी स्थिति स्पष्ट हो सकती है। 

सर्किल रेट में यह रहा परिवर्तन
पहले        अब 
14000    16000
12000    14000
9000    10500

शासन ने कम किए प्रतिशत स्लैब 

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि प्रशासन ने सर्किल रेट के लिए 12 स्लैब का प्रस्ताव शासन को भेजा था। मसलन, 0 से 5, 6 से 10 आदि हैं, लेकिन कैबिनेट ने इसे नौ स्लैब में भेजा है। यही कारण है कि बढ़ोतरी का अंतिम स्लैब 36 से 40 फीसदी है। इसमें जिले का लगभग 0.5 फीसदी क्षेत्रफल ही आया है।  
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