टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी बंद है। स्वांला और भारतोली से मलबा न हटने से वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। वहीं प्रशासन ने टनकपुर से ही वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इसके चलते प्रशासन ने रास्ते में अब लोगों के न फंसे होने का दावा किया है।
वहीं रविवार शाम लोहाघाट के विधायक की कथित अभद्रता से खिन्न कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। इससे सड़क से मलबा नहीं हटाया जा सका। हालांकि सोमवार को सात ग्रामीण सड़कें खोल दी गईं लेकिन चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 17 सड़कें अब भी बंद हैं।
एनएच पर स्वांला और भारतोली में मलबा गिरने से पहाड़ और मैदान का सड़क संपर्क तीन दिन से कटा है। एनएच बंद होने से रोडवेज की बस सेवा लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी बुरी तरह से प्रभावित रही। सहायक मंडलीय प्रबंधक नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि रोडवेज ने सोमवार को भी तीन बस सेवाओं को देवीधुरा होकर चलाया।
चंपावत जिले की ग्रामीण क्षेत्रों की ये सड़कें हैं बंद
ठुलीगाड़-भैरव मंदिर, रीठाखाल-मनटांडे, बांकू-सुल्ला-पासम, चूलागांव-भनार, मंच-नीड़, चमदेवल-जाख-गजीना, बाराकोट-कोठेरा, स्याला-पोथ, एचएस 29 से खटोली मल्ली, धौन-सल्ली और खटोली मल्ली-वैला सड़क।
डीजल-पेट्रोल की किल्लत
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से डीजल-पेट्रोल की किल्लत शुरू हो गई है। जिले के पहाड़ी हिस्सों के अधिकतर पेट्रोल पंपों में पेट्रोल-डीजल न मिलने से लोगों को दिक्कत हो रही है। टैंकरों के फंसने से ये संकट पैदा हुआ है।
इस वजह से सोमवार दोपहर से चौपहिये ही नहीं, दोपहिये वाहनों को भी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। जिले में सामान्य समय में नौ हजार लीटर डीजल-पेट्रोल की खपत है।
वहीं जिला पूर्ति अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीएम अनिल गर्ब्याल का कहना है कि किल्लत दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सड़क न खुलने की सूरत में डीजल-पेट्रोल के टैंकर हल्द्वानी-पाटी सड़क से लाए जाएंगे।