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उत्तराखंड: टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे दूसरे दिन भी बंद, सड़क दरकने और भूकटाव से बढ़ी दिक्कतें

Sun, 25 Jul 2021 11:20 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत

सार

टनकपुर में ककरालीगेट और चंपावत में कोतवाली के पास आवाजाही को रोकने से रास्ते में सात से दस तक वाहन ही फंसे हैं।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन रविवार को भी बंद रहा। स्वांला में सड़क दरकने और भूकटाव से दिक्कतें बढ़ी हैं। हालांकि शनिवार से बारिश नहीं हुई, इसके बावजूद स्वांला में भूकटाव होने और लगातार आ रहे मलबे से दिनभर ज्यादातर समय मलबा हटाने का काम बाधित रहा। आवाजाही ठप होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं टनकपुर में ककरालीगेट और चंपावत में कोतवाली के पास आवाजाही को रोकने से रास्ते में सात से दस तक वाहन ही फंसे हैं। कई यात्री खतरे के बीच पैदल पहाड़ी के एक हिस्से को लांघकर टनकपुर की तरफ भी पहुंचे। वहीं रविवार को चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 18 सड़कें भी बंद रहीं। 

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एनएच पर यहां से 22 किमी दूर स्वांला में सड़क के दरकने से पहाड़ और मैदान का सड़क संपर्क पूरी तरह से कटा है। लगातार मलबा गिरने से सड़क को न तो खोला जा सका और न ही काम करने लायक हालात बने। प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना कर हालात का जायजा ले जल्द से जल्द सड़क खोलने के एनएच खंड को निर्देश दिए। वहीं एनएच पर लोहाघाट-घाट के बीच भारतोली में सुबह मलबा हटाकर आवाजाही शुरू हुई, लेकिन शाम करीब साढ़े पांच बजे फिर से मलबा आने से यह स्थान बंद हो गया। 
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एनएच बंद होने से परिवहन निगम की बस सेवा लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रही। रोडवेज के सहायक मंडलीय प्रबंधक नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि रविवार को रोडवेज ने तीन बस सेवाओं (देहरादून, नैनीताल और दिल्ली) को देवीधुरा होकर रवाना किया गया। 

चंपावत जिले की ग्रामीण क्षेत्रों की बंद 18 सड़कें 
बनलेख-ललुवापानी, बिरगुल-गोली, जोश्यूड़ा-मिर्तोली, ठुलीगाड़-भैरव मंदिर, नरसिंहडांडा-गुरेली, बसौटी-रौकुंवर, पुनाबे-सिप्टी, रीठा साहिब-बिनवालगांव, रीठाखाल-मनटांडे, बांकू-सुल्ला-पासम, चूलागांव-भनार, उदियूनढुंगा-कोठेरा, चमदेवल-जाख-गजीना, बाराकोट-कोठेरा, स्याला-पोथ, एचएस 29 से खटोली मल्ली, धौन-सल्ली और खटोली मल्ली-वैला सड़क। 

देवीधुरा होते हुए तीन बसों का संचालन हुआ 
राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने से रोडवेज के लोहाघाट डिपो को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम का कहना है कि 10 दिनों में एनएच के दो बार बाधित होने से रोडवेज को 30 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं इससे 11 सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। रविवार को रोडवेज ने तीन बस सेवाओं (देहरादून, नैनीताल और दिल्ली) को देवीधुरा होकर रवाना किया गया। दिल्ली की चार, देहरादून-बरेली की दो-दो, ऋषिकेश और काशीपुर और गुरुग्राम की एक-एक बस सेवा प्रभावित हुई है। 

स्वांला और भारतोली गांव को भूस्खलन से खतरा, 16 परिवार शिफ्ट

बारिश थमने के बाद शनिवार से हुए भूस्खलन से चंपावत जिले के तीन तोक खतरे की जद में आ गए हैं। चंपावत ब्लॉक के स्वांला ग्राम पंचायत के दो और बाराकोट ब्लॉक के च्यूरानी ग्राम पंचायत का एक तोक खतरे में है। स्वांला और च्यूरानी में 29 नाली से अधिक खेत के अलावा कुछ शौचालय भूस्खलन की चपेट में हैं। खतरे को देखते हुए तीनों तोकों के 16 परिवारों को एहतियातन गांव के स्कूल और पंचायतघर में शिफ्ट किया गया है। वहीं डीएम विनीत तोमर ने बताया कि भूगर्भीय परीक्षण के साथ ही सोमवार को ड्रोन से क्षेत्र का जायजा लिया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित स्वांला ग्राम पंचायत के तल्ली स्वांला, टांक तोक और बाराकोट ब्लॉक के च्यूरानी ग्राम पंचायत के मल्ली भारतोली तोक में भूस्खलन से 16 मकानों को खतरा हो गया है। 45 परिवार वाले इन तोकों में 16 परिवारों के मकान खतरे की जद में है। रविवार को एडीएम टीएस मर्तोलिया के नेतृत्व में राजस्व विभाग के दल ने मौका मुआयना कर खतरे के दायरे में आ रहे लोगों को शिफ्ट होने का आग्रह किया। तल्ली स्वांला और टांक तोक में काफी खेत बर्बाद हुए, तो वहीं मल्ली भारतोली में आठ परिवारों के शौचालय, सार्वजनिक रसोई, बगीचा, उपजाऊ खेत भूस्खलन में जमींदोज हो गए हैं।

भूस्खलन से कई मकान बमुश्किल 25 फीट के फासले पर हैं। दहशतजदा इन परिवारों को प्रशासन ने स्कूल, पंचायत घर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए, लेकिन ये परिवार फिलहाल अपने नाते-रिश्तेदारों के घरों में रात काट रहे हैं। मल्ली भारतोली में शुक्रवार रात हुए भूस्खलन से आठ परिवार खतरे में हैं। लोहाघाट के नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने भारतोली में मौका मुआयना कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह पर भेजने की व्यवस्था की। टीम में आरएसआई सुनील माहरा, गोविंद बल्लभ, सुरेश राम आदि रहे। 

भूस्खलन से इन 16 परिवारों को है खतरा 
तल्ली स्वांला और टांक तोक में ईश्वरी दत्त, महादेव भट्ट, धर्मांनंद, मोतीराम, प्रेमबल्लभ, चूड़ामणि, कृष्णानंद और गिरीश बल्लभ। मल्ली भारतोली में राम सिंह, पुष्कर सिंह, कल्याण सिंह, किशन सिंह, भवान सिंह, नारायण सिंह, बलवंत सिंह और पुष्पा देवी। 
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ब्रेकर मशीन से भी नहीं टूटी पूर्णागिरि मार्ग पर गिरी चट्टान

मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास गिरी चट्टान के कुछ हिस्से को ब्रेकर मशीन से तोड़कर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन पत्थर कभी भी फिर मार्ग पर अवरोधक बन सकता है। ब्रेकर मशीन से पूरा पत्थर तोड़ने में कामयाबी न मिलने पर अब लोक निर्माण विभाग ने कंप्रेशर मशीन से ड्रिल कर पत्थर तोड़ने की तैयारी की है।

हनुमान चट्टी के पास बारिश के दौरान 18 जुलाई को दरकी चट्टान का बड़ा पत्थर सड़क पर आने से पूर्णागिरि धाम मार्ग सात दिन तक बंद रहा। कार्यदायी संस्था लोनिवि ने ब्रेकर मशीन से पत्थर तोड़कर हटाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हालांकि पत्थर का कुछ हिस्सा तोड़कर शनिवार शाम से चार पहिया समेत सभी छोटे वाहनों के आने-जाने लायक मार्ग खोल दिया गया है, लेकिन पत्थर जल्द नहीं हटाया गया तो बारिश होने पर दोबारा मार्ग बंद होने का खतरा बना है।

लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट का कहना है कि ब्रेकर मशीन से पूरा पत्थर न टूटने पर अब कंप्रेशर मशीन से ड्रिल कर पत्थर तोड़ने की तैयारी है। उनका कहना है कि पत्थर तोड़कर पूरा मार्ग जल्द खोल दिया जाएगा। 
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