बारिश थमने के बाद शनिवार से हुए भूस्खलन से चंपावत जिले के तीन तोक खतरे की जद में आ गए हैं। चंपावत ब्लॉक के स्वांला ग्राम पंचायत के दो और बाराकोट ब्लॉक के च्यूरानी ग्राम पंचायत का एक तोक खतरे में है। स्वांला और च्यूरानी में 29 नाली से अधिक खेत के अलावा कुछ शौचालय भूस्खलन की चपेट में हैं। खतरे को देखते हुए तीनों तोकों के 16 परिवारों को एहतियातन गांव के स्कूल और पंचायतघर में शिफ्ट किया गया है। वहीं डीएम विनीत तोमर ने बताया कि भूगर्भीय परीक्षण के साथ ही सोमवार को ड्रोन से क्षेत्र का जायजा लिया जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित स्वांला ग्राम पंचायत के तल्ली स्वांला, टांक तोक और बाराकोट ब्लॉक के च्यूरानी ग्राम पंचायत के मल्ली भारतोली तोक में भूस्खलन से 16 मकानों को खतरा हो गया है। 45 परिवार वाले इन तोकों में 16 परिवारों के मकान खतरे की जद में है। रविवार को एडीएम टीएस मर्तोलिया के नेतृत्व में राजस्व विभाग के दल ने मौका मुआयना कर खतरे के दायरे में आ रहे लोगों को शिफ्ट होने का आग्रह किया। तल्ली स्वांला और टांक तोक में काफी खेत बर्बाद हुए, तो वहीं मल्ली भारतोली में आठ परिवारों के शौचालय, सार्वजनिक रसोई, बगीचा, उपजाऊ खेत भूस्खलन में जमींदोज हो गए हैं।
भूस्खलन से कई मकान बमुश्किल 25 फीट के फासले पर हैं। दहशतजदा इन परिवारों को प्रशासन ने स्कूल, पंचायत घर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए, लेकिन ये परिवार फिलहाल अपने नाते-रिश्तेदारों के घरों में रात काट रहे हैं। मल्ली भारतोली में शुक्रवार रात हुए भूस्खलन से आठ परिवार खतरे में हैं। लोहाघाट के नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने भारतोली में मौका मुआयना कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह पर भेजने की व्यवस्था की। टीम में आरएसआई सुनील माहरा, गोविंद बल्लभ, सुरेश राम आदि रहे।
भूस्खलन से इन 16 परिवारों को है खतरा
तल्ली स्वांला और टांक तोक में ईश्वरी दत्त, महादेव भट्ट, धर्मांनंद, मोतीराम, प्रेमबल्लभ, चूड़ामणि, कृष्णानंद और गिरीश बल्लभ। मल्ली भारतोली में राम सिंह, पुष्कर सिंह, कल्याण सिंह, किशन सिंह, भवान सिंह, नारायण सिंह, बलवंत सिंह और पुष्पा देवी।
मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास गिरी चट्टान के कुछ हिस्से को ब्रेकर मशीन से तोड़कर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन पत्थर कभी भी फिर मार्ग पर अवरोधक बन सकता है। ब्रेकर मशीन से पूरा पत्थर तोड़ने में कामयाबी न मिलने पर अब लोक निर्माण विभाग ने कंप्रेशर मशीन से ड्रिल कर पत्थर तोड़ने की तैयारी की है।
हनुमान चट्टी के पास बारिश के दौरान 18 जुलाई को दरकी चट्टान का बड़ा पत्थर सड़क पर आने से पूर्णागिरि धाम मार्ग सात दिन तक बंद रहा। कार्यदायी संस्था लोनिवि ने ब्रेकर मशीन से पत्थर तोड़कर हटाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हालांकि पत्थर का कुछ हिस्सा तोड़कर शनिवार शाम से चार पहिया समेत सभी छोटे वाहनों के आने-जाने लायक मार्ग खोल दिया गया है, लेकिन पत्थर जल्द नहीं हटाया गया तो बारिश होने पर दोबारा मार्ग बंद होने का खतरा बना है।
लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट का कहना है कि ब्रेकर मशीन से पूरा पत्थर न टूटने पर अब कंप्रेशर मशीन से ड्रिल कर पत्थर तोड़ने की तैयारी है। उनका कहना है कि पत्थर तोड़कर पूरा मार्ग जल्द खोल दिया जाएगा।