केदारनाथ हाईवे कई जगह मलबा आने से बंद पड़ा हुआ है। गंगोत्री हाईवे नालूपानी के पास मार्ग अवरुद्ध हो गया है। यहां मार्ग खोलने का कार्य प्रगति पर है। कुमाऊं में पिथौरागढ़ हाईवे भी कई जगह बंद है।
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पिथौरागढ़ और नैनीताल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। जबकि, राज्य के बाकी हिस्सों में भी बिजली गिरने के साथ ही तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री तक रह सकता है।
रुद्रप्रयाग, यमुनोत्रीघाटी, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी में बुधवार रात से बारिश जारी है। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। चमोली जनपद में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश जारी है। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पागलनाला, रड़ांग बैंड, लंगासू, बाबा आश्रम के पास, कर्णप्रयाग व सिमली के बीच में अवरुद्ध हो गया है। बदरीनाथ हाईवे और चमधार में यातायात के लिए खाेल दिया गया है। केदारनाथ हाईवे भी सिरोबगड़, मेदनपुर, भटवाड़ीसैंण और सौड़ी में बंद है। पौड़ी में बुआखाल-रामनगर हाईवे बोल्डर आने से पाबौ के बीच बंद हो गया है। खिर्सू- बिसल्ड होते हुए वैकल्पिक मार्ग से यात्रियों को भेजा जा रहा है। एनएच के अधिकारियों का कहना है देर शाम तक यहां यातायात बहाल हो जाएगा।
बदरीनाथ हाईवे का लगभग 10 मीटर पुस्ता ढहा
श्रीनगर में सुबह से बारिश जारी है। यहां बदरीनाथ हाईवे का लगभग 10 मीटर पुस्ता भी ढह गया है। टिहरी जिले में 12 ग्रामीण सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। चमोली जिले में 40 संपर्क मार्ग बाधित हैं। जिले में अलकनंदा, नंदाकिनी व पिंडर नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।
पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद
वहीं कुमाऊं में बागेश्वर, पिथौरागढ़, टनकपुर, चंपावत, डीडीहाट, द्वाराहाट, चौखुटिया और लोहाघाट सहित लगभग सभी इलाकों में गुरुवार काे भी बारिश जारी है। मलबा आने से पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद हो गई है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सूखीढांग से धौन तक चार जगह बंद है। यहां बुधवार रात दस बजे से सड़क बंद है। चंपावत-लोहाघाट के बीच तिलोन के पास मलबा आने से हाईवे बंद पड़ा हुआ है।
राजधानी दून में सभी नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मानसून सीजन में लगातार हो रही बारिश और आपदा के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने इसके निर्देश दिए हैं। अभी तक केवल वीकेंड पर पर्यटन स्थलों में ही यह रोक प्रभावी थी।
उन्होंने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए भी निर्देशित किया है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लगभग सभी नदियों, झीलों और तालाबों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस दौरान कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं।