नाचनी-मुनस्यारी सड़क हरड़िया नया बस्ती के पास मलबा आने से बंद हो गई। सड़क को कई बार खोला गया और यह फिर बंद हो गई। चौथी बार इसे खोलते समय डोजर ऑपरेटर जमन सिंह चोटिल हो गए। जमन सिंह और एक अभियंता 15 दिन पूर्व भी पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गए थे।
बागेश्वर जिले में मलबे से पांच ग्रामीण सड़कों पर यातायात बाधित रहा। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से गरुड़ क्षेत्र के कई गांवों की बिजली घंटों बंद रही। बारिश से कपकोट के बास्ती में कृषि भूमि को जबरदस्त नुकसान हुआ है। खेत मलबे से पट गए हैं।
अल्मोड़ा में सोमवार को भी पूरे दिन बारिश होती रही। यहां बीते 24 घंटों में 29 मिमी बारिश हुई। इस दौरान दो ग्रामीण मोटरमार्ग बंद हो गए। नैनीताल में बारिश से जनजीवन प्रभावित है। नैनीताल आए पर्यटकों को भी भारी फजीहत झेलनी पड़ी। नैनीझील का जलस्तर भी पांच इंच बढ़ने के बाद सात फीट 10 इंच पहुंच गया है।
नगर में 24 घंटे के भीतर 64 मिमी बारिश हो चुकी है। जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार एक राज्य मार्ग समेत कुल छह मार्गों में यातायात पूरी तरह से बंद है। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर बल्दियाखान के पास पहाड़ी से मलबा आ गया, जिससे यातायात कुछ देर तक प्रभावित रहा। पत्थरों ने हनुमान मंदिर के पास में बने टिनशेड को भी नुकसान पहुंचाया है।
भीमताल-रानीबाग मार्ग के बंद होने के चलते उक्त मार्ग का यातायात ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग एनएच में सुचारू होने से शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। वहीं वीरभट्टी बेली ब्रिज में दिन भर वाहनों का रुकरुक कर आवागमन होने से भी जाम लगता रहा।