उत्तराखंड की राजनीति में एक अप्रत्याशित घटना के बाद सरकार के सहयोगी पीडीएफ ने बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी से नाता तोड़ लिया है।
निर्दलीय और सहयोगी दलों के विधायकों के गठबंधन (पीडीएफ) से मंत्री प्रीतम पंवार ने कहा है कि हरीश सरकार अगर विधायक अंसारी से दूरी नहीं बनाती तो वे इस्तीफा दे देंगे। अंसारी दर्जाधारी मंत्री भी है।
विधानसभा सत्र शुरू होने के ठीक एक दिन पहले एक खबरिया चैनल पर बसपा विधायक अंसारी से जुड़ा स्टिंग ऑपरेशन दिखाए जाने के बाद सरगर्मी तेज हो गई। सरकार के सहयोगी गठबंधन के विधायक और दर्जाधारी मंत्री का स्टिंग सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई।
सरकार बनाने-गिराने का स्टिंग, कांग्रेस बेचैन
स्टिंग में जिस तरह विधायकों के खरीद-फरोख्त संबंधी बातचीत सुनाई-दिखाई गई है, उससे कांग्रेस के भीतर की उठापटक भी उजागर हुई है।
इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा सत्र के लिए भाजपा को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। दूसरी ओर इससे सरकार की बेचैनी बढ़ गई है। पीडीएफ प्रमुख मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि चैनल पर स्टिंग देखने के बाद पीडीएफ नेताओं की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से अंसारी को पीडीएफ से निकालने का फैसला लिया गया।
वैसे तो, हरीश सरकार का अंकगणित मजबूत है। कांग्रेस के अपने विधायकों की संख्या ही इस समय 35 है। (बहुमत के लिए 36 विधायक चाहिए।) सरकार को सात बाहरी विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
यारी दोस्ती में कही गई है बातः सीएम
सरकार को समर्थन देने वालों में बसपा के सरवत करीम अंसारी और दो निलंबित (बसपा से) विधायक मंत्री सुरेंद्र राकेश व हरीदास भी हैं। इनके अलावा मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रीतम पंवार, हरीश चंद्र दुर्गापाल, दिनेश धनै पीडीएफ से ही सरकार में शामिल हैं।
नहीं देखा स्टिंग
मैंने स्टिंग ऑपरेशन देखा नहीं है। मुझे साथियों ने बताया है। मेरे खिलाफ बड़ी राजनीतिक साजिश है। मेरी जानकारी में आया है कि फुटेज करीब छह महीने पुराना है। मेरे नाम पर अगर किसी ने रकम ली है तो उसकी जांच कराएंगे। मैं अपने ऊपर लगे आरोपों की भी उच्च स्तरीय जांच कराऊंगा।
-सरवत करीम अंसारी, बसपा विधायक
हमें भरोसा है कि स्टिंग में कही गई बात में गंभीरता नहीं है। बातचीत यारी दोस्ती में की गई है जिसे किसी ने गंभीरता से ले लिया है। मैं अपने स्तर से भी मामले की जांच कराऊंगा। आरोप साबित होने पर कार्रवाई होगी।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री
सरकार के एक मंत्री ने दी इस्तीफे की धमकी
सरकार अगर विधायक से अपना नाता नहीं तोड़ती है तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। विधायक की वजह से न सिर्फ पीडीएफ पर दाग लगा है बल्कि जनप्रतिनिधियों की साख भी गिरी है।
प्रीतम पंवार, शहरी विकास मंत्री
सरकार में मंत्री का दर्जा पाए विधायक को जिस तरह पांच लाख रुपए गिनते दिखाया गया है, शर्मिंदा करने वाला है। स्टिंग में कितनी सत्यता है, भाजपा सीडी मंगाकर इसकी पड़ताल कर रही है। अगर इसमें असलियत है तो भाजपा के लिए इससे बड़ा और कोई मुद्दा नहीं है।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष
जब तक स्टिंग ऑपरेशन की विश्वसनीयता तय नहीं हो जाती तब तक कुछ कहना उचित नहीं है। हालांकि जनप्रतिनिधियों का आचरण अनुकरणीय और प्रेरणादायी होना चाहिए। हमें विश्वास है कि स्टिंग में लगे आरोप गलत साबित होंगे। सरकार पूरी मजबूती से विकास के एजेंडे पर काम रही है।\
-सुरेंद्र कुमार मीडिया प्रभारी, मुख्यमंत्री