फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'भ्रष्ट' अफसर की ढाल बने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

Sun, 23 Nov 2014 01:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में माध्यमिक शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल को वित्तीय अनियमितता के गंभीर मामले में कार्रवाई से बचाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने हस्तक्षेप किया है।
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने शनिवार को कार्यवाही का अनुमोदन संस्तुति की थी। इससे पहले शासन आदेश जारी करता, खुद पत्रावली वापस तलब कर ली है। सूत्रों के अनुसार ग्वाल को चार्जशीट देने के बजाय उससे स्पष्टीकरण मांग कर हल्का बनाने का दबाव है।

अपर मुख्य सचिव शिक्षा एस राजू ने उच्चस्तरीय आदेशों के बाद दोबारा पत्रावली शिक्षा मंत्री को भेज दी है। हालांकि ऐसे मामलों में सिविल सर्विस रेगुलेशन के तहत आरोप पत्र दिया जाना अनिवार्य है।
विज्ञापन

क्या है मामला

एससीईआरटी में उपनिदेशक पद पर वर्ष 2005 से 2007 तक तैनाती के चंद्र सिंह ग्वाल के कार्यकाल में हुई खरीद में वित्तीय अनियमितताएं आडिट में निकल कर आई थीं। लगभग 54.11 लाख रुपये की आडिट आपत्ति पकड़ी गई थी।

जिसके बाद शिक्षा महानिदेशक आरके सुधांशु ने प्रकरण की जांच की। 22 बिंदुओं पर की गई जांच रिपोर्ट मार्च 2013 में शासन को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं को गंभीर बताया गया है। इस बारे में जांच अधिकारी के समक्ष निदेशक ग्वाल के स्पष्टीकरण से शासन संतुष्ट नहीं हुआ।

अरसे तक ठंडे बस्ते में रही जांच रिपोर्ट पर शासन ने दोबारा कार्यवाही करते हुए तीन दिन पहले ग्वाल को आरोप पत्र देने के साथ सतर्कता जांच की संस्तुति की है। अपर मुख्य सचिव शिक्षा ने पत्रावली शिक्षा मंत्री को अनुमोदन के लिए भेजी थी, जिस पर शनिवार को मंत्री का अनुमोदन मिल गया।
विज्ञापन

अनुमोदन मिलते ही कार्यवाही के दिए थे आदेश

अपर मुख्य सचिव से अनुमोदन मिलते ही मंत्रीप्रसाद नैथानी ने ग्वाल के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिए, लेकिन इससे पहले आदेश मिलते सीएम कार्यालय ने दखल दे दिया।

बताया जा रहा है कि अपर मुख्य सचिव को प्रस्तावित कार्यवाही निरस्त कर ग्वाल से सिर्फ स्पष्टीकरण मांगने के आदेश जारी करने को कहा। मामला बेहद संगीन होने के चलते एसीएस भी जोखिम उठाने को तैयार नहीं हुए हैं।

उन्होंने फाइल पर सिविल सर्विस रेगुलेशन के नियमों का हवाला देते हुए मामले में आरोपपत्र को जरूरी बताते हुए मार्गदर्शन के लिए फाइल शिक्षा मंत्री को भेज दी।

कई स्तर पर जांच पर दोबारा स्पष्टीकरण क्यों?
वित्तीय अनियमितता के मामले में कई स्तर पर जांच हो चुकी है, जिसके बाद आरोपपत्र देकर ग्वाल पर कार्यवाही की संस्तुति की गई। मामले में उसका पहले स्पष्टीकरण लिया जा चुका है। महानिदेशक शिक्षा आरके सुधांशु के अलावा विभागीय सचिव एमसी जोशी, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा  भी जांच कर चुके हैं।

30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं ग्वाल
निदेशक माध्यमिक शिक्षा पद से सीएस ग्वाल 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। अगर उनके खिलाफ चार्जशीट जारी कर कार्यवाही शुरू हो जाती है तो उनका निलंबन तय है। ऐसे में रसूखदार ग्वाल के सामने रिटायरमेंट के बाद दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

मैंने प्रमुख सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिक्षा निदेशक से जवाब मांगा जा रहा है। सीएम कार्यालय से चार्जशीट पर फिर से विचार करने के आदेश मुझे अभी नहीं मिले।
- मंत्री प्रसाद नैथानी शिक्षा मंत्री
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें