जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के छक्के छुड़ाते हुए लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी ने 11 दिनों में 10 आतंकियों को मार गिराया था।
गुरुवार को शहीद हुए इस जांबाज का पार्थिव शरीर शनिवार को नैनीताल पहुंचा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मालूम हो कि शहीद के पिता स्व. शंकरनाथ गोस्वामी आसाम राइफल्स में बरेली में तैनात थे। शहीद मोहननाथ का जन्म गरुड़ (बागेश्वर) के कोहिना गांव में हुआ था।
गोस्वामी ने 2002 में सेना की इलीट पारा कमांडो में ज्वाइन किया और यूनिट के सबसे जांबाज सैनिक के रूप में शोहरत हासिल की।