जमीयत किसी भाषा और इल्म की विरोधी नहीं
जमीयत उलेमा हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद आरिफ कासमी ने कहा कि उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने लंढौरा में जो बयान दिया है। उसमें उन्होंने संस्कृत और वेद को मदरसों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही है। इसका कड़ा विरोध किया जाता है।
जमीयत किसी भाषा और इल्म की विरोधी नहीं है लेकिन अरबी मदरसों में संस्कृत और वेद की पढ़ाई को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर शायर अफजल मंगलौरी, शफक्कत अली, सनाउल्लाह गाजी, अनीस कस्सार, इमरान देशभक्त, अनीस आदि मौजूद रहे।
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वेद और संस्कृत को किसी भी मदरसे पर थोपा नहीं जाएगा। उनका सिर्फ यही मकसद है कि मदरसे के बच्चों को सभी धर्मों के बारे में ज्ञान होना चाहिए। जो वेद और संस्कृत पढ़ना चाहेगा वह पढ़ सकता है। मदरसों में जांच में कोई भी अनियमितता पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -शमून कासमी, अध्यक्ष, मदरसा बोर्ड उत्तराखंड’