-गढ़वाल और कुमाऊं के जिलों के अभ्यर्थियों को दो दिन पहले परीक्षा के लिए आना पड़ेगा
-महिला अभ्यर्थियों के साथ परिजन भी आएंगे
-हरिद्वार में ठहरने के लिए उन्हें होटल में रहना पड़ेगा
- देहरादून, हरिद्वार के अभ्यर्थियों की तुलना में उन्हें ज्यादा धन खर्च करना पड़ेगा
आयोग के हैं अपने तर्क
दूसरी ओर, आयोग के सचिव कर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि आयोग के पास स्वयं का पांच मंजिला परीक्षा भवन है, जिसमें एक बार में 1900 उम्मीदवार परीक्षा दे सकते हैं। कोविड प्रोटोकॉल के तहत भी करीब 1400 उम्मीदवार एक साथ बैठ सकते हैं। चूंकि लिखित परीक्षाओं में उम्मीदवारों की संख्या कम होती है, इसलिए वह सीसीटीवी व अन्य सुविधाओं से लैस अपने परीक्षा भवन में ही परीक्षा कराते हैं। पीसीएस से लेकर पीसीएस-जे जैसी मुख्य परीक्षाएं भी यहीं कराई जाती हैं। यहां परीक्षा का एक फायदा यह भी है कि किसी भी आयोजन हो सकता है जबकि बाहर परीक्षा कराने के लिए केवल रविवार का दिन ही मिलता है।
28 अक्तूबर से तीन दिन चलेगी लिखित परीक्षा
उन्होंने बताया कि 28, 29 और 30 अक्तूबर को होने वाली प्रवक्ता भर्ती की लिखित परीक्षाएं इस भवन में होंगी, क्योंकि उनमें उम्मीदवारों की संख्या 1400 से कम है। जबकि 31 अक्तूबर को होने वाली परीक्षा परीक्षा भवन के अलावा हरिद्वार के तीन सेंटरों पर होगी, जिसमें उम्मीदवारों की संख्या 2400 है। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा केवल तभी दूसरे शहरों में होती है, जबकि हरिद्वार में परीक्षा केंद्र उपलब्ध न हों।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने प्रवक्ता संवर्ग (समूह-ग) की मुख्य परीक्षा का एक केंद्र कुमाऊं क्षेत्र में बनाए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि लोक सेवा आयोग हरिद्वार की ओर से आयोजित उत्तराखंड प्रवक्ता संवर्ग समूह ग स्क्रीनिंग परीक्षा 2020 में सफल हुए अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा सात अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक आयोजित की जानी है। इसमें उत्तराखंड के सभी अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का केंद्र सिर्फ हरिद्वार में बनाया गया है। इससे कुमाऊं के परिक्षार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद से छिनी नर्सों की भर्ती
उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद से स्टाफ नर्सों की भर्ती छीन गई है। प्रदेश सरकार ने परिषद से नर्सों की भर्ती वापस ले ली है। अब उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से नर्सों की भर्ती की जाएगी। तीन बार नर्सों की भर्ती परीक्षा स्थगित हो चुकी है। इस संबंध सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने स्वास्थ्य महानिदेशक को आदेश दिए हैं।
कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्सों की कमी को देखते हुए दिसंबर 2020 में सरकार ने पहली बार उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद के माध्यम से नर्सों की भर्ती करने का निर्णय लिया था। सरकार के फैसले के बाद स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 2621 स्टाफ नर्सों के पदों का प्रस्ताव परिषद को भेजा।
परिषद ने विज्ञप्ति जारी कर इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की। अप्रैल 2021 तक लगभग 10 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया। कोविड महामारी के कारण परिषद ने तीन बार भर्ती परीक्षा स्थगित की। अभी तक परिषद ने भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया। अब सरकार ने परिषद ने स्टाफ नर्सों की भर्ती वापस लेकर चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से कराने के आदेश जारी किए हैं।