उत्तराखंड राज्य से भाजपा और कांग्रेस का कोई बड़ा नेता जमकर चुनाव प्रचार करने के लिए बनारस नहीं गया। हालांकि इसका एक प्रमुख कारण उत्तराखंड में सात मई को मतदान होना माना जा रहा है।
इस मामले में भाजपा का कहना है कि किस नेता को कहां प्रचार के लिए जाना है, यह केंद्रीय हाईकमान तय करता है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि उत्तराखंड में भी सात मई को चुनाव था, इसलिए कोई नहीं जा सका।
सोमवार को बनारस के मतदाता भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की किस्मत का फैसला करेंगे।
एक दिन के लिए गए महाराज
मोदी ने उत्तराखंड में पांच लोकसभा सीटों के लिए पांच जनसभाएं की, लेकिन उत्तराखंड भाजपा का कोई बड़ा नेता बनारस मोदी के प्रचार के लिए नहीं गया।
हालांकि एक दिन के लिए सतपाल महाराज मोदी के प्रचार में गए थे। जबकि भाजपा नेता अनिल बलूनी को जब पौड़ी से टिकट नहीं मिला तो वह 24 मार्च से बनारस में कैंप किए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि बनारस में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग भी रहते हैं। उनके पास जाकर गहनता के साथ संपर्क किया गया।
कांग्रेसी भी नहीं पहुंचे राहुल के लिए
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय का चुनाव प्रचार करने के लिए उत्तराखंड से न तो मुख्यमंत्री हरीश रावत गए और न ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य ही पहुंच सके।
कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि सात मई के बाद समय कम होने के कारण बड़े नेताओं को बनारस जाने की रणनीति बनाने का समय ही नहीं मिला।
क्या कहते हैं प्रभारी
उत्तराखंड से भी भाजपा नेता जाने को तैयार थे लेकिन पार्टी की प्राथमिकता यह थी कि बनारस में बाहरी नेताओं की भीड़ बढ़ाने के बजाय वहां के कार्यकर्ता को बैक-अप दिया जाए। और वैसे भी उत्तराखंड व बनारस के चुनाव के बीच समय भी बहुत कम था।
-उमेश अग्रवाल, प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी