डुंग्री गांव के आल्यूं तोक में चट्टान टूटने से मलबे में दबे दो लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन रेस्क्यू में जुटे हैं। डुंग्री व आसपास के गांवों के लोग भी रेस्क्यू कार्य में सहयोग कर रहे हैं। मंगलवार को आल्यूं तोक में पेयजल लाइन ठीक करने गए गांव के भरत सिंह (48) पुत्र गुमान सिंह व बिरेंद्र सिंह (33) पुत्र किशन सिंह जंगल में चट्टान से आए मलबे में दब गए थे। इसकी सूचना ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने बुधवार को प्रशासन को दी थी। ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान घटनास्थल पर रेस्क्यू में लगे हैं लेकिन बृहस्पतिवार तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया।
इंटरनेट सेवा नहीं हो पाई बहाल
ब्लाक में तीन दिन से सभी संचार सेवा बंद होने के कारण लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कनेक्टिविटी न होने से बुधवार से बैंकों तथा डाकघरों में कामकाज न होने से लोग परेशान हैं।
कुलसारी तक ही खुल पाया कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे
कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद होने से बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बुधवार रात को हरमनी में कई यात्री वाहनों के फंस जाने से यात्रियों को वाहनों में ही रात गुजारनी पड़ी। बृहस्पतिवार दोपहर तक हाईवे कुलसारी तक ही खुल पाया जबकि कई जगहों पर बंद हाईवे को खोलने में बीआरओ लगी है। वहीं नारायणबगड़-भगोती, रैंसचोपता-भटियाणा, पंती-विनायक-हंसकोटी, मींगगधेरा-गडनी-खैनोली आदि सड़कें बंद होने से ग्रामीणों की आवाजाही बाधित है। वहीं बारिश के बाद ग्वाड़-कनखुल सड़क तीन दिनों से बंद है। ग्वाड़ गांव के रणबीर सिंह ने बताया कि सड़क पर मलबा आया है और पुश्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोग पैदल चल रहे हैं। उन्होंने जल्द सड़क दुरुस्त करने की मांग उठाई।