Census In Uttarakhand News: मंत्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक हर दस साल में देशभर में जनगणना का काम किया जाता है लेकिन कोरोना महामारी की वजह से 2021 में जनगणना कार्य नहीं हो पाया था।
उत्तराखंड में जनगणना कार्य के लिए जनगणना एवं पुनर्गठन विभाग तैयार है। केंद्र से गाइडलाइन मिलने का इंतजार है। मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में जनगणना विभाग की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।
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मंत्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक हर दस साल में देशभर में जनगणना का काम किया जाता है लेकिन कोरोना महामारी की वजह से 2021 में जनगणना कार्य नहीं हो पाया था। राज्य सरकार जनगणना कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जैसे ही केंद्र सरकार से गाइडलाइन जारी की जाएगी, जनगणना का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल डिजिटल जनगणना के जरिये डाटा एकत्र किया जाएगा। इसके लिए वॉलिंटियर्स घर-घर जाकर ऐप के जरिये डाटा एकत्रित करेंगे। इससे समय की बचत होगी।
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार का जनगणना कैलेंडर जारी होने के बाद नेशनल ट्रेनर, मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ब्लॉक, तहसील स्तर पर वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिन्हें फिल्ड ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे।
इसके बाद दो फेज में जनगणना की जाएगी। इसमें पहले चरण में घरों की गिनती होगी और दूसरे चरण में जनगणना होगी। बताया कि जनगणना के आधार पर पलायन का डाटा, पुरुष, महिला और समुदाय का आंकड़ा ब्लॉक स्तर तक मिल सकेगा। इस अवसर पर सचिव जनगणना चंद्रेश कुमार, अनुसचिव जनगणना चंद्रबहादुर, सहायक निदेशक जनगणना हेमंत वर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।