उनके पास नई दिल्ली में निवेश आयुक्त का भी दायित्व है। इस हिसाब शासन में पांडेय का कद और बढ़ गया है। बता दें कि सिडकुल के एमडी पद पर रोहित मीणा थे। उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उद्योग महकमे की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब पांडेय पर औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी होगी।
प्रदेश सरकार ने निवेशक सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए थे। सरकार का जोर अब इन सभी एमओयू की ग्राउंडिंग पर है। माना जा रहा कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर शासन ने पांडेय को उद्योग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है।