केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार की सुबह उत्तराखंड गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। शाह ने करीब दो घंटे (सुबह 9.45 बजे से दोपहर 12.30 बजे) तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया।
मैंने तबाही के हालात देखे, केंद्र ने समय पर सूचना दी वरना और अधिक जन हानि होती: शाह
हवाई सर्वेक्षेण के बाद अमित शाह ने कहा कि मैंने तबाही के हालात देखे। भारत सरकार की ओर से चेतावनी मिलने के बाद उत्तराखंड में आपदा से कम नुकसान हुआ है। अलर्ट पर रहने के कारण जनहानि कम हुई है। क्योंकि हमने पहले ही तैयारी कर ली थी। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूझबूझ से काम किया। सभी एजेंसियों ने समय पर अपना काम किया। चारधाम यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया। इस वजह से चारधाम यात्रा में किसी यात्री की मौत नहीं हुई।
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अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय टीम नुकसान का आकलन करेगी। आपदा प्रबंधन की तरफ से पहले ही 250 करोड़ रुपए दिया गया है। केंद्र सरकार राज्य को पूरी सहायता देगी। इस दौरान अमित शाह ने सीएम की पीठ भी थपथपाई और कहा कि धामी के नेतृत्व में अच्छा काम हुआ है। एनडीआरएफ, सेना और एसडीआरएफ सभी बारिश आने से पहले ही अलर्ट पर रहे। शाह ने कहा कि आपदा में अब तक 64 की मौत हुई हैं। 11 से अधिक लोग लापता हैं। ट्रेकिंग टीम भी लापता है। आपदा में 3400 लोगों को बचाया गया है।
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आपदा प्रभावित स्थानों का हवाई सर्वेक्षण
गृहमंत्री अमित शाह ने देवप्रयाग, पौड़ी, रामनगर, रामगढ़, रुद्रपुर और हल्द्वानी का हवाई सर्वेक्षण किया और हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और मुख्य सचिव एसएस संधू भी मौजूद रहे।
अमित शाह आपदा प्रभावित स्थानों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट पर पहुंचे। इसके बाद वह राज्य अतिथि गृह पहुंचे, यहां शाह ने अधिकारियों संग बैठक की और उन्हें दिशा निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, अनिल बलूनी सहित उत्तराखंड के सभी मंत्री मौजूद रहे।