हाईकोर्ट ने समाज कल्याण के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के नोडल अधिकारी कांतिराम जोशी को 25 फरवरी तक गिरफ्तार न करने के मौखिक आदेश सरकार को दिए हैं। अब न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष 25 फरवरी को मामले की सुनवाई होगी। पूर्व में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर 20 फरवरी तक की रोक का आदेश दिया था।
जोशी के खिलाफ 29 जनवरी 2019 को डालनवाला थाना देहरादून में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 371 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि कांतिराम जोशी ने 2001 में देहरादून समाज कल्याण विभाग में अपर जिला विकास अधिकारी रहते हुए स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत प्रेम नगर चुंगी क्षेत्र में बनी 28 दुकानों में से आठ दुकानें अपात्र लोगों को आवंटित की।
जिला समाज कल्याण अधिकारी पिथौरागढ़ कांतिराम जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। कांतिराम जोशी का कहना था कि समाज कल्याण विभाग में हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में उन पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
8 मार्च 2017 को उन्हें शासन ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। तब वे विभाग में आईटी सेल में तैनात थे। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति लोक पाल सिंह ने अगली सुनवाई 20 फरवरी के लिए तय की है।