हाईकोर्ट ने ढप्टी कांडा बागेश्वर में अवैध रूप से किए जा रहे खड़िया खनन के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद डीएम बागेश्वर को 20 मार्च तक पर्यावरण बोर्ड के अनुमति प्रमाणपत्र व पूर्व में की गई जांच की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि खनन के लिए पर्यावरण बोर्ड की उन्हें अनुमति मिली हुई है और प्रशासन की ओर से पूर्व में इसकी जांच की गई है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ढप्टी कांडा निवासी बलवंत धामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका कर कहा था कि उनके गांव में कुछ लोगों द्वारा खड़िया खनन किया जा रहा है। याचिका में कहा कि ये लोग लीज पर दिए गए पट्टों के अलावा गांव के अन्य लोगों की भूमि से भी खनन कर रहे हैं।
याचिका में कहा कि इसकी शिकायत उन्होंने प्रशासन से की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके उलट एसडीएम ने उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने डीएम बागेश्वर को 20 मार्च तक पर्यावरण बोर्ड के अनुमति प्रमाणपत्र व पूर्व में की गई जांच की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।