उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने इसे हिंदुओं का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मल्लीताल कोतवाली में कई शिकायती पत्र दिए। पुलिस ने स्वाति के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने स्वाति नेगी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए थे। पुलिस की इस कार्रवाई को स्वाति नेगी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर मौखिक रूप से कड़ी टिप्पणी की और इस एफआईआर की जांच पर रोक लगाते हुए पुलिस से जवाब देने के लिए कहा है।