नैनीताल हाईकोर्ट ने श्रीनगर में आईटीआई और पॉलीटेक्निक के भवनों में अस्थायी रूप से चल रहे एनआईटी कैंपस को शिफ्ट करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने पूछा है कि एनआईटी का सुमाड़ी में स्थायी कैंपस कब तक स्थापित होगा और कब तक विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं मिल जाएंगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तिथि नियत की। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार एनआईटी के पूर्व छात्र जसवीर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि श्रीनगर में एनआईटी को स्थापित हुए नौ साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इसे स्थायी कैंपस नहीं मिला है।
विद्यार्थी काफी लंबे समय से स्थायी कैंपस की मांग कर रहे हैं, किंतु सरकार की ओर से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। याचिका में कहा कि वर्तमान में जहां उनकी पढ़ाई चल रही है वह भवन पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है और यदि यह भवन गिरा तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।