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कतार के आखिरी लोगों के दरवाजे पर पहुंचे महामहिम

Sat, 19 Sep 2015 01:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मलारी (चमोली)
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राज्यपाल केके पॉल शुक्रवार को चीन सीमा पर स्थित नीती घाटी (द्वितीय रक्षा पंक्ति के) पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं सुनीं। राज्यपाल ने घाटी से हो रहे पलायन के लिए शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बताया। कहा सीमा क्षेत्र के गांवों से पलायन रोकना है तो यहां रोजगार सृजन करना पड़ेगा।
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प्रदेश के राज्यपाल केके पॉल शुक्रवार सुबह सवा नौ बजे हेलीकॉप्टर से गमशाली पहुंचे। यहां उन्होंने एक घंटे तक ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से बंद पड़ा भारत-तिब्बत (चीन) व्यापार दोबारा शुरू करवाया जाए, जिससे यहां के भोटिया जन-जाति के ग्रामीणों की आर्थिकी में सुधार हो सके।

इसके बाद साढ़े दस बजे राज्यपाल आईटीबीपी कैंप मलारी पहुंचे। यहां भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने पारंपरिक वेषभूषा में उनका स्वागत किया। आईटीबीपी के ऑडिटोरियम हॉल में राज्यपाल ने एक घंटे तक मलारी के ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
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भोटिया जन-जाति विकास समिति के जिलाध्यक्ष ठाकुर सिंह राणा ने कहा कि भारत-चीन युद्ध के बाद सेना ने विभिन्न जगहों पर उनकी 1405 और 1600 नाली भूमि ले ली थी, जिसके एवज में ग्रामीणों को किराया दिया जाना था, लेकिन वर्ष 2006 से किराया देना बंद कर दिया गया और अब न ही भूमि का मुआवजा दे रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नीती घाटी से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू की जाए तो जहां समय की बचत होगी, वहीं आर्थिक रूप से भी यह किफायती होगा।
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गांव वालों के जवाब पर बगलें झांकने लगे अफसर

राज्यपाल ने कृषि और उद्यान अधिकारियों को मलारी और नीती में उनके विभागों की ओर से चलाई जा रही योजनाओं को ग्रामीणों के सामने रखने के निर्देश दिए। इस पर जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि मलारी में सेब की पैदावार बढ़ाने के लिए काश्तकारों के साथ बैठक की गई है। काश्तकारों का चयन कर उन्हें सेब की पौधे देने की योजना है।

जब राज्यपाल ने इस संबंध में ग्रामीणों को पूछा तो ग्रामीणों ने योजना से अनभिज्ञता जताई और अधिकारी को पहली बार देखने की बात कही, जिस पर अधिकारी बगलें झांकने लगे।

जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि फाफर और उगल की पैदावार पर काश्तकारों को प्रति क्विंटल उत्पादन पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग इस संबंध में उन्हें पहली बार अवगत करा रहा है, जबकि ये फसलें लुप्तप्राय हो गई हैं। राज्यपाल ने उद्यान अधिकारी को 15 अक्तूबर तक घाटी में कराए कार्यों की रिपोर्ट उन्हें भेजने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने प्रशासन को दिया सुझाव
राज्यपाल पॉल ने कहा कि घाटी में भेड़ पालन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। भेड़ों की नस्ल सुधार योजना को वृहद रूप से चलाना चाहिए। उन्होंने घाटी में जड़ी-बूटी के उद्यानीकरण की अपार संभावना बताते हुए जिला प्रशासन को इस पर कार्ययोजना तैयार करवाने का सुझाव भी दिया।
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