अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को कठघरे में खड़ा कर दिया। डॉ. कुरैशी ने तल्खी के साथ उत्तराखंड संस्कृत विवि की दुर्गति पर चिंता व्यक्त की।
राज्यपाल ने कहा कि ‘मेरे बार-बार लिखने के बाद भी विवि में फैकल्टी पूरी नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री से मांग है कि अफसरों को तुरंत आदेश दें और फैकल्टी पूरी की जाए।’
शुक्रवार को राजभवन में आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संस्कृत विवि की स्थिति पर राज्यपाल के इस तरह नाराजगी जताने से खामोशी छा गई।
उन्होंने जोर दिया कि संस्कृत विवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए, जहां शोध केंद्र भी हो। लोगों को यहां आकर भाषाओं पर शोध के अवसर मिलें। राज्यपाल ने कहा कि आईएएस पीसीएस में संस्कृत की जानकारी अनिवार्य की जाए भले ही इसके अंक परीक्षा में न जुड़ें।
राज्यपालने आगे जोड़ते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि अन्य भाषाओं को छोड़ दें। कहा कि वह किसी भाषा से अन्याय नहीं होने देना चाहते, जैसा उर्दू के साथ हुआ। एक सशक्त भाषा खत्म हो गई।