तीनों परिसरों में तैनात कई प्रोफेसर भी चपेट में आए
सचिव उत्तराखंड शासन दीपेन्द्र कुमार चौधरी की ओर से जारी पत्र में निर्देशित किया गया है कि निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं आयुष एवं आयुष शिक्षा अनुभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय मानक 5-वेतन भत्ते आदि को निर्देशों का अनुपालन करते हुए व्यय करेंगे। वित्त विभाग के निर्णय तक किसी भी दशा में कुलपति और कुलसचिव के अलावा विभागीय पदोन्नति पाने वाले कार्मिकों का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
इन कार्मिकों को भी नहीं मिलेगा निर्णय आने तक वेतन
उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कार्यरत चन्द्रमोहन पैन्यूली व्यैक्तिक सहायक, विवेक वैभव जोशी आशुलिपिक ग्रेड-2, अनिल दत्त बेलवाल सहायक लेखाकार, मिथिलेश मठपाल कनिष्ठ सहायक के अलावा कनिष्ठ सहायक दीपक ज्योति संविदा के आधार पर नियुक्त किए गए थे। शासन ने माना कि इनको अनुचित सेवा लाभ प्रदान करते हुए वर्ष 2016 में नियम विरुद्ध विनियमित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक संवर्ग कुल आठ कार्मिक डॉ. उत्तम कुमार शर्मा प्रवक्ता, डॉ. दिनेश कुमार गोयल सहायक प्रवक्ता, डॉ. राम विलास शुक्ला सहायक प्रवक्ता, डॉ. रामकुमार गौतम सहायक प्रवक्ता, डाॅ. प्रवेश तोमर, सहायक प्रवक्ता, डॉ. शोभित कुमार सहायक प्रवक्ता, डाॅ. नर्गता जोशी सहायक प्रवक्ता और डॉ. ऊषा शमां सहायक प्रवक्ता को भी शासन ने अनुचित सेवा लाभ देने का आरोप लगाया है।
अनुचित तरीके से लाभ लेने वालों से वसूली के आदेश
शासन ने उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में वर्ष 2015-2016 में विभागीय पदोन्नति योजना के तहत लाभ लेने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसमें पहले उनके विनियमितकरण को तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए प्रदान किये गए सभी लाभ को भी हटाने के आदेश हैं। इसके साथ ही संबंधित कार्मिक को वेतन मद में भुगतान की गई धनराशि की वसूली के निर्देश भी सचिव ने दिए हैं।