सुझाव
एम्स की शोध टीम के डाॅ. दीपक सुंद्रियाल बताते हैं कि दूरस्थ क्षेत्रों में जागरूकता के लिए गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए। इन बीमारियों से बचाव के लिए ग्रामीण महिलाओं से लगातार संवाद होना चाहिए। प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों के कर्मियों को इन रोगों की जांच व पहचान के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। आशाएं इस अभियान में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। इसलिए इन्हें भी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
ये रहे शोध टीम में शामिल
शोध कार्य यूकास्ट के वित्तीय सहयोग से किया गया। सर्वे कार्य में उत्तराखंड मानव सेवा समिति के अध्यक्ष वीएन शर्मा के सहयोग से समिति के सदस्यों ने किया। शोध में एम्स के डॉ. दीपक सुंद्रियाल, डॉ. अमित सहरावत, डाॅ. योगेश बहुरूपी, डॉ. शालिनी राजाराम, डॉ. महेंद्र सिंह, डाॅ. प्रदीप अग्रवाल, डॉ. स्वीटी गुप्ता व डॉ. प्रीति शामिल रहीं।
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महिलाओं में पहले स्थान पर है स्तन कैंसर
कैंसर रोग से पीड़ित महिलाओं में स्तन कैंसर पहले नंबर पर है। भारत में कैंसर रोग से पीड़ित कुल महिलाओं में 28.8 फीसदी महिलाएं स्तन कैंसर से ग्रसित हैं। वहीं 10.6 फीसदी महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हैं। वर्ष 2024 में भारत में कैंसर के 15 लाख 33 हजार नए मामले पकड़ में आए।