सतपाल महाराज के बीजेपी में चले जाने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में इस समय हलचल मची हुई है। माना जा रहा है कि सतपाल महाराज के जाने के बाद उत्तराखंड सरकार पर खतरा बढ़ गया है।
सरकार को खतरा नहीं
हालांकि सतपाल महाराज के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता व कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश का कहना है कि सतपाल महाराज के बीजेपी में जाने से रावत सरकार को कोई खतरा नहीं है।
इंदिरा ने कहा कि वो पार्टी के सभी विधायकों से बात कर रही हैं साथ ही इंदिरा ने सतपाल महाराज के बीजेपी में जाने का दुख भी जताया है।
इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सतपाल महाराज पहले से नाराज थे लेकिन पार्टी उन्हें नही मना पायी जिसके चलते वो बीजेपी में चले गये।
सतपाल से खफा हुए हरीश रावत
वहीं सतपाल महाराज के इस्तीफ के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि सतपाल महाराज ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का कोई कारण नहीं बताया है। रावत ने कहा कि वो गढ़वाल से चुनाव लडऩे से कतरा रहे थे।
पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कह रही थी। लेकिन वह राज्य सभा का टिकट के लिए ठोस आश्वासन चाहते थे। राज्य सभा के टिकट के बारे में पार्टी ने उन्हें बाद में सोचने के लिए कहा था। लेकिन वह नहीं माने।