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बिना संचार, सब बेकार: एक फोन कॉल के लिए सीमांत के लोग ऐसे लगा रहे जुगाड़, रिश्तेदारों के नाम से खरीद रहे नेपाली सिम

Tue, 30 Jun 2020 01:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़

सार

  • संचार सुविधा से बेहाल सीमांत के लोग जुगाड़ से हासिल कर रहे हैं नेपाली सिम 
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सीमांत तहसील के लोगों को नेपाली संचार व्यवस्था का फायदा उठाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। भारतीय लोग नेपाली रिश्तेदारों और पहचान वालों के नाम पर सिम खरीद कर संचार व्यवस्था चलाते हैं। इसके बाद भी सरकार की ओर से संचार सेवा ठीक करने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। 

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धारचूला तहसील के खुमती ग्राम पंचायत के हुनरी, सेकली, मल्ला, खुमती, पातल, मल्लाधूरा, सीपालथौड़, लेकसल्ला, बजानी, मल्लाधूरा, अमल्यानी, जड़बुंगा, भीड़ी एवं कटौजिया आदि तोकों में कोई भी सरकारी नेटवर्क नहीं आता है।

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इन तोकों के लोग नेपाली संचार कंपनी ‘नमस्ते नेटवर्क’ का सहारा लेकर सूचना का आदान-प्रदान करते हैं। खुमती के अधिकतर तोक आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। खुमती के कुछ तोक में मोबाइल सिग्नल आते हैं लेकिन ये नेटवर्क इतने कमजोर होते हैं कि फोन नहीं लगता है।

200 से 300 रुपये में मिलता है नेपाली सिम 

सीमांत के लोगों को 200 से रुपये में सिम मिलता है। भारतीय लोग नेपाल में रिश्तेदार या पहचान वाले नागरिकता पर सिम का इस्तेमाल कर पाते हैं। ब्लैक में ये सिम 300 रुपये में मिलता है। इसके टॉपअप भी निर्धारित मूल्य से अधिक में मिलता है। 

खुमती के कई गांव में सरकारी नेटवर्क नहीं होने से लोगों को नेपाली नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता है। सरकार को कई बार संचार व्यवस्था को ठीक करने को लेकर ज्ञापन भी दे चुके हैं। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जा रहा है। 
-राजेंद्र सिंह बिष्ट अध्यक्ष नवयुवक मंगल दल खुमती।
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4जी व 5जी के जमाने में यहां नेटवर्क तक नहीं

4जी व 5जी के समय हमारे गांव में अब तक भारतीय संचार कंपनियों के नेटवर्क नहीं हैं। सरकार को संचार व्यवस्था के साथ साथ मेडिकल सुविधा की और ध्यान देना चाहिए। नेपाली सिम खरीदने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।  
- चंचल सिंह  

खुमती के कई तोकों में कोई भी संचार व्यवस्था नहीं है। लोगों को मानसून काल में किसी भी प्रकार के आपदा आने पर लोगों को प्रशासन को एक दो किमी दूर आकर या फिर कालिका मार्केट में आकर सूचना देना पड़ती है। 
- गंगोत्री देवी खुमती निवासी

वर्षाकाल में खुमती में आए दिन आपदा आती है। नेटवर्क नहीं आने के कारण धारचूला आकर सूचना देनी पड़ती है। नेपाली सिम भी आसानी से नहीं मिलता। ऐसे में परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
- गोपाल सिंह, ग्राम प्रधान खुमती।
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