25 अगस्त को नरेंद्र गंगवार ग्राम पैगानगरी गया और बटाईदार कुंवर सेन से बटाई के रुपये देने को कहा था। कुंवर ने जब हीरालाल के बारे में जानकारी ली तो नरेंद्र ने लॉकडाउन में उनकी मौत होने और सास, दो सालियों के कहीं चले जाने की बात कही। नरेंद्र ने मीरगंज तहसील से हीरालाल का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश भी की। शक होने पर कुंवर सेन ने इसकी जानकारी हीरालाल के रिश्तेदार दुर्गा प्रसाद को दी। इन लोगों ने राजा कॉलोनी पहुंचकर मोहल्लेवासी महेश गंगवार, शिवप्रसाद गंगवार और अन्य लोगों से जानकारी की तो हीरालाल समेत उनके परिवार का कुछ पता नहीं चला था। इसके बाद ये लोग 27 अगस्त की रात पुलिस के पास पहुंचे।
आरोपी ने कबूला अपराध
शुक्रवार को पुलिस ने नरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने 20 अप्रैल 2019 की सुबह अपने किराएदार विजय गंगवार निवासी ग्राम दमखोदा थाना देवरनिया जिला बरेली के साथ मिलकर सास, ससुर और दो सालियों की हत्या करने की बात कबूली। इसके बाद मकान के आंगन की खुदाई की गई तो हीरालाल, हेमवती (55), दुर्गा (26) और पार्वती (20) के शव बरामद किए गए। आईजी ने बताया कि नरेंद्र और विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा लीलावती को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दुर्गा प्रसाद ने नरेंद्र, विजय और लीलावती के खिलाफ तहरीर दी है और केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
लीलावती कर रही मामले की जानकारी से इनकार
आईजी ने बताया कि मृतक की बेटी और आरोपी की पत्नी लीलावती ने पूरे प्रकरण की जानकारी होने से इनकार किया है लेकिन साढ़े 16 महीने तक उसके माता, पिता और दो बहनें गायब रहीं, इसकी जानकारी उसे न होना संदेह पैदा करता है। पूरे मामले में लीलावती की संलिप्तता होने की बात सामने आ रही है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।
आईजी ने बताया कि पूछताछ में नरेंद्र ने बताया कि रोजाना सुबह उसकी सास और साली दूध लेने जाया करते थे। इसके चलते उसने सुबह के समय ही हत्या करने की योजना बनाई थी। 20 अप्रैल 2019 की सुबह साढ़े पांच बजे उसकी सास हेमवती और साली पार्वती दूध लेने गए थे। मकान का दरवाजा खुला होने पर वह अपने साथी विजय के साथ घर में घुसा। इसके बाद उसने पहले दुर्गा और फिर हीरालाल पर डंडे से वार कर हत्या कर दी थी। थोड़ी देर में हेमवती और पार्वती घर पर आए तो उसी डंडे से उनकी भी हत्या कर दी। इसके बाद शवों को कमरे में छोड़कर बाहर से ताला लगा दिया था। 21 अप्रैल की सुबह पड़ोसियों को ससुरालियों की ओर से मकान बेचे जाने और मरम्मत करने की बात कहकर आंगन में खुदाई की थी। इसके बाद शवों को खोदे गए गड्ढे में डालकर ऊपर से सीमेंटेड फर्श डलवा दिया था।
कुछ महीनों तक रहे किराएदार की पुलिस को तलाश
ससुर सहित चार ससुरालियों की हत्या कर शवों को ठिकाने लगाने के कुछ महीने बाद नरेंद्र ने मकान में दो हजार रुपये महीने पर एक किराएदार रखा। कुछ समय पूर्व ही किराएदार ने कमरा खाली किया। एसओ ललित जोशी ने बताया कि कमरा खाली कर जा चुके किराएदार की तलाश की जा रही है। उससे भी इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
सिडकुल की कंपनियों में काम करते हैं आरोपी
चार हत्याएं करने का आरोपी नरेंद्र और उसका किरायदार विजय सिडकुल की कंपनियों में काम करते हैं। आईजी ने बताया कि नरेंद्र सिडकुल की एक कंपनी में क्वालिटी डिपार्टमेंट में है। वहीं उसका साथी विजय भी सिडकुल की एक अन्य कंपनी में काम करता है।
पुलिस टीम को पांच हजार देने की घोषणा
आईजी ने बताया कि करीब 16 महीने तक चार शव एक मकान में दफन रहे थे। रिश्तेदारों की तरफ से चार लोगों के गुम होने की शिकायत का त्वरित संज्ञान लेकर ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने एक तरह से ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये देने की घोषणा की है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने भी टीम की पीठ थपथपाते हुए ढाई हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
वादी को फंसाने की कोशिश की थी
बेहद शातिर दिमाग नरेंद्र ने प्रारंभिक पूछताछ में पूरे मामले को खोलने में अहम रहे दुर्गा प्रसाद को भी फंसाने की कोशिश की। उसने बताया था कि दुर्गा प्रसाद भी उसका साथी था। आईजी ने बताया कि नरेंद्र की मंशा कामयाब नहीं हो पाई थी। दुर्गा प्रसाद की तहरीर पर ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।