हरीश रावत ने कहा, देहरादून में नाले-खालों और सरकारी भूमि पर बने बड़ी-बड़ी अट्टालिकाओं पर तो कोई निशान नहीं लगाया जा रहा है। रिस्पना और बिंदाल के किनारे और उनसे मिलने वाली जल धाराओं के किनारे रहने वाले लोगों के घरों पर चिन्ह लगाए जा रहे हैं।
इससे गरीबों में दहशत है। लोग वर्षों से बिजली, पानी का बिल जमा करने के साथ दूसरी सभी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। इस दहशत के वातावरण के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। 20 अप्रैल को इसके खिलाफ आवाज उठाऊंगा, किस रूप में उठाऊंगा यह मैं तय करूंगा।