कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की आलोचना की जा सकती है, उन्हें सराहा जा सकता है, लेकिन नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2017 के चुनाव में यह भाजपा को स्वीकार भी करना पड़ा था।
अब प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण का ग्राफ भी बढ़ रहा है, इस सबके बीच हरीश रावत की मौजूदगी उत्तराखंड में लगातार बनी हुई है। कहने वाले कह रहे हैं कि हरीश रावत मुख्यमंत्री बनना चाह रहे हैं। खुद हरीश रावत इन मुद्दों पर बोले और बेबाकी से बोले। साफ किया कि उनकी मंजिल सिर्फ उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं है।