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Uttarakhand Forest Fire: पुलिस ने तैयार की एसओपी, डीजीपी ने बैठक कर दिए रिस्पांस टाइम कम करने के निर्देश

Mon, 06 May 2024 10:31 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Uttarakhand Forest Fire: वनाग्नि के संबंध में पुलिस ने कुल 14 आपराधिक मुदकमे दर्ज किए, जिनमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश के लिए पुलिस विभाग ने एसओपी तैयार कर ली है। वनाग्नि के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के लिए सभी जिलों को इस एसओपी का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसमें फॉरेस्ट एक्ट, आईपीसी, आईटी एक्ट आदि के प्रावधानों में कार्रवाई की जा रही है।

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वनाग्नि के संबंध में पुलिस ने कुल 14 आपराधिक मुदकमे दर्ज किए, जिनमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह जानकारी डीजीपी अभिनव कुमार की ओर से मुख्य सचिव को अब तक की एक्शन टेकन रिपोर्ट के ब्योरे में दी गई है। डीजीपी की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया कि वनाग्नि और अन्य अग्निकांडों पर काबू पाने के लिए पूरे प्रदेश में 48 फायर स्टेशन और यूनिट सक्रिय हैं। यहां मिल रही सूचनाओं पर कार्रवाई की जा रही है। अग्निशमन विभाग को अब तक वनाग्नि की 927 सूचनाएं मिली हैं। इन पर कार्रवाई करते हुए अग्निशमन और पुलिस ने करीब 29 करोड़ रुपये की वन संपदा और 150 पशुओं को जलने से बचाया है। इस संबंध में डीजीपी ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का भी हवाला दिया।

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इसमें उन्होंने रिस्पांस टाइम कम करने और ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था और पिछले माह डीआईजी फायर सर्विस की ओर से भी बैठकें कर वनाग्नि व अन्य अग्निकांडों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने बताया कि पौड़ी और चमोली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर वनाग्नि फैलाने का आरोप है। सभी फायर स्टेशनों और यूनिट पर उपकरणों के साथ फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।

इसके क्रम में एक मुकदमा चमोली में दर्ज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ग्रामीणों और वन क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों से लगातार संवाद स्थापित कर उन्हें वनाग्नि के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।

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वनाग्नि की घटनाओं में कार्रवाई के लिए कम से कम हो रिस्पांस टाइम
डीजीपी अभिनव कुमार ने वनाग्नि की घटनाओं में कार्रवाई के लिए रिस्पांस टाइम को कम से कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दमकल वाहनों को ऐसी जगहों पर तैनात करने को कहा जहां से आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। उन्होंने ऐसी वन रेंज को चिह्नित करने के निर्देश भी दिए जहां पर बार-बार वनाग्नि की घटनाएं हो रही हैं। डीजीपी सोमवार को अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियों और वनाग्नि पर कार्रवाई के संबंध में बैठक कर रहे थे।

डीजीपी ने चारों धाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को समय से सुदृढ़ करने को कहा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यात्रा ड्यूटी में लगे होमगार्ड, पुलिस और पीआरडी जवानों के रहने और खाने की व्यवस्था के लिए वेलफेयर अफसर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। कहा कि किसी भी आयोजन में सोशल मीडिया की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में जरूरी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट को वायरल न होने दें। लगातार सोशल मीडिया की निगरानी की जाए।

उन्होंने यात्रा मार्ग पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार को भी ठीक करने के निर्देश दिए। उनके अनुशासन और मनोबल में कमी न आए इसके लिए उन्होंने जनपद प्रभारी की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं पर अब तक की स्थिति के बारे में जानकारी ली। कहा कि वनाग्नि की सूचना पर तत्काल घटना पर पहुंचा जाए। बार-बार वनाग्नि की घटनाएं होने वाले सभी रेंज की पुलिस मुख्यालय को जानकारी दी जाए। ताकि, यहां पर आगे की कार्रवाई और बचाव आदि के लिए अन्य विभागों से समन्वय स्थापित किया जा सके।
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