पुनर्गठन- ढांचे के पुनर्गठन पर सहमति जताई गई। रेंजर के पद 308 से बढ़ाकर 500, डिप्टी रेंजर के पद 408 से बढ़ाकर 913 किए जाएंगे। वन विभाग के ढांचे का पुनर्गठन 2006 में हुआ था।
पदोन्नति- वन रक्षकों की वन दरोगा पद पर पदोन्नति का मामला वन दरोगा पद पर 33 प्रतिशत सीधी भर्ती के कारण अटका हुआ है। वन आरक्षी संघ शत प्रतिशत पदोन्नति की मांग कर रहा है। तय किया गया कि वन रक्षकों से वन दरोगा पदों पर भर्ती में दस साल की बाध्यता समाप्त की जाएगी। 26 साल से वन रक्षक और वन दरोगा के पद पर कार्यरत कर्मियों को ऑनरेरी पदोन्नति देकर डिप्टी रेंजर बनाया जाएगा।
एक माह का अतिरिक्त वेतन- फील्ड वन कर्मियों को पुलिस की भांति एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें जोखिम भत्ता भी दिलाया जाएगा। यह प्रस्ताव कैबिनेट में आएगा।
15 लाख का मुआवजा- फील्ड वन कर्मियों की सेवा के दौरान मुठभेड़ या अन्य कारणों से मृत्यु होने को परिजनों को 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
आवास भत्ता- चौकियों में तैनात वन आरक्षियों, वन दरोगाओं और डिप्टी रेंजर को आवास भत्ता दिया जाएगा।
अधिकतर मामलों में सहमति बन गई है। अधिकारियों को कहा गया है कि जिन मामलों को मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाना हैं, उनका प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए। शासन स्तर से निस्तारित होने वाले मामलों पर शासन कार्यवाही करेगा और बाकी मामलों में वन मुख्यालय फैसला करेगा। नियमावलियों में संशोधन भी किया जाएगा।
- हरक सिंह, वन मंत्री