कुछ क्षेत्रों में नदियां मानव बस्तियों की ओर बहने लगी हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में, परिवर्तन से वन विभाग के खनन और गश्त जैसे कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पश्चिमी सर्कल (उत्तराखंड) की मुख्य वन संरक्षक तेजस्विनी पाटिल ने बताया कि नदियों के मार्ग में बदलाव, हमारी चिंता का बड़ा विषय है।
नदी के स्वरूप में आए परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए कहा
इस संबंध में आईआईटी रुड़की से नदी के स्वरूप में आए परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। ताकि हम नदी पर तटबंधों का निर्माण कर सकें।
पाटिल ने कहा कि तकनीकी मूल्यांकन में यह बात सामने आई है कि चारों नदियां अब अपने सामान्य चैनलों के माध्यम से बहने के बजाय, कहीं किनारों की ओर तो कहीं दूसरी ओर बह रही हैं। भारी बारिश में आई गाद ने समस्या को ओर बढ़ा दिया है। आने वाले समय में यह मानव बस्तियों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।