प्रदेश को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिए भी समेकित प्रयास किए जाएं। इसके लिए विभिन्न स्थलों का चयन कर अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजना बनाई जाए, जिसमें वेडिंग प्लानरों, होटल समूहों से सहयोग लिया जाए। सीएम ने वर्तमान आवासीय अवस्थापनाओं के लिए चिह्नित पुनर्विकास योजनाओं के प्रस्ताव, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, दो नई टाउनशिप विकसित करने व कैंची धाम परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने यूआईआईडीबी की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया। सचिव पर्यटन सचिव कुर्वे ने पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडे मौजूद थे।