आजाद हिंद फौज (आईएनए) का उत्तराखंड से गहरा नाता रहा है। इतना ही नहीं नेताजी की निजी सुरक्षा में भी उत्तराखंड के वीर शामिल रहे।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जब आईएनए को तैयार कर रहे थे, तो उसमें गढ़वाल रायफल की दो बटालियन (2600 सैनिक) देशप्रेम के चलते उसमें शामिल हो गई। इसमें से 600 सैनिक ब्रिटिश सेना से लोहा लेते हुए शहीद भी हुए।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अजय रावत कहते हैं कि आईएनए का आफीसर्स ट्रेनिंग सेंटर सिंगापुर में था, जिसके कमांडर ले. कर्नल चंद सिंह नेगी थे। जिनके ऊपर अफसरों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी थी।