हरिद्वार जिले से आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने के शक में गिरफ्तार अजीमुस्सान के दादा स्व. रुस्तम अली ने वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश के लिए जंग लड़ी थी।
इससे पिता समेत पूरा परिवार सदमे में हैं। चाचा आरिफ का कहना है परिजन बेटे और उसकी बेटी को आईएएस बनाना चाहते थे, लेकिन घटना के बाद उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। लंढौरा से आतंकवादी गतिविधियों के शक में धरे गए अजीमुस्सान के दादा स्व. रुस्तम अली भारतीय सेना में थे।
वर्ष 1971 में उन्होंने भारत-पाक के बीच हुई जंग में भागीदारी निभाई। उसके बाद उनकी तबियत खराब हो गई और सेना से रिटायरमेंट लेकर रोडवेज में नौकरी करने लगे। बाद में सेवाकाल में ही उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद अजीमुस्सान के पिता अब्दुल सत्तार की रोडवेज में नियुक्ति हुई।
इन दिनों वह हरिद्वार डिपो में परिचालक के पद पर कार्यरत हैं। भाई आरिफ की मानें तो अब्दुल सत्तार का दो बार पीसीएस-प्री में चयन हुआ था। इंटरव्यू भी हो गया था। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। यही कारण है कि वह अपने बेटे अजीमुस्सान और बेटी सना परवीन को आईएएस बनाना चाहते थे। लेकिन अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
आतंकवादी गतिविधियों में धरे जाने के बाद पूरा परिवार सदमे में है। अजीमुस्सान की मां मुसरीना बेटे की करतूत से सकते में हैं। बहन सना परवीन कोचिंग छोड़कर लंढौरा में परिजनों को सांत्वना देने में जुटी हुई है।
पाकिस्तानी दोस्तों से भरी पड़ी है अखलाक FB ID
मेहताब आलम/ अमर उजाला, रुड़की
रुड़की से गिरफ्तार पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे अखलाकुर्रहमान (अखलाक) के दिमाग में आतंक अचानक नहीं उपजा। इसकी शुरूआत सोशल मीडिया पर काफी पहले से हो चुकी थी।
पिछले वर्ष 15 अगस्त को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की एक वीडियो फेसबुक वॉल पर उसके एक पाकिस्तानी दोस्त ने टैग की थी। एक मिनट 11 सेकेंड के इस वीडियो में मसूद अजहर ने दहशतगर्दी पर भड़काऊ भाषण दिया है।
अखलाक की फेसबुक आईडी की पड़ताल से यह भी पता चला है कि इसकी फ्रेंड लिस्ट पाकिस्तानी दोस्तों से भरी पड़ी है। धार्मिक कट्टरता वाली पोस्ट पर उसकी दूसरे समुदाय के लोगों से कई बार नोक झोंक की बात पड़ताल में सबसे सामने आ चुकी है। लेकिन आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण वाली एक तकरीर अब भी उसकी वॉल पर मौजूद है।
फ्रेंड लिस्ट में दर्जाधारी मंत्री भी
अखलाकुर्रहमान की फ्रेंड लिस्ट वैसे तो पाकिस्तानी और पाक अधिकृत कश्मीर के दोस्तों से भरी पड़ी है। लेकिन प्रदेश सरकार में जिले के दो दर्जाधारी मंत्री भी इसकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल हैं। दोनों हरिद्वार देहात से ताल्लुक रखते हैं।
इनके अलावा कई विधायक, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान भी अखलाक के साथ जुड़े हुए हैं। सूत्रों की मानें तो अखलाक की फेसबुक फ्रेंडलिस्ट के आधार पर भी कुछ लोगों से पूछताछ हो सकती है।
गेस्ट हाउसों में छिपना आसान
कलियर में ठहरा फरार संदिग्ध मोहसिन लंढौरा निवासी अजीम का रिश्तेदार बताया जा रहा है। कलियर में कुकरमुत्तों की तरह खुले अवैध गेस्ट हाउसों में छिपना बेहद आसान है। रुपयों के लालच में अवैध गेस्ट हाउसों में बिना आईडी प्रूफ कमरे धड़ल्ले से दिए जा रहे हैं।
इसकी पोल चारों युवकों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस की छापेमारी में खुलकर सामने आई। खोजबीन में पता चला था कि एक गेस्ट हाउस में तीन कश्मीरी युवक बिना आईडी के कमरा लेकर रुके थे। लेकिन पुलिस ने मामूली जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया। अधिकांश गेस्ट हाउसों में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं हैं।