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अमर उजाला खास खबर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का नाम रामगंगा नेशनल पार्क करने की तैयारी

Wed, 06 Oct 2021 02:50 AM IST
अलका त्यागी जीवन कुमार, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)

सार

पार्क का नाम बदलने के संकेत तीन अक्तूबर को कॉर्बेट पार्क पहुंचे केंद्रीय वन और पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे दे गए हैं।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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विश्वविख्यात कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे संकेत तीन अक्तूबर को कॉर्बेट पार्क पहुंचे केंद्रीय वन और पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे दे गए हैं। कॉर्बेट पार्क के भ्रमण के दौरान न सिर्फ अधिकारियों से उन्होंने इस संबंध में बात की बल्कि धनगढ़ी स्थित म्यूजियम में रखे विजिटर बुक में भी उनके संदेश में पार्क का नाम रामगंगा नेशनल पार्क लिखा हुआ है।

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केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत बाघों के संरक्षण को लेकर निकाली गई रैली के समापन के मौके पर यहां पहुंचे थे। कार्यक्रम के समापन के बाद वह धनगढ़ी स्थित म्यूजियम (कनवेंशन सेंटर) पहुंचे। उन्होंने कॉर्बेट पार्क के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बाद में सभी अधिकारियों के समक्ष कॉर्बेट पार्क का नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क रखने की बात कही। अब माना जा रहा है कि जल्द ही सरकार कॉर्बेट नेशनल पार्क का नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क करेगी। 

पहले पार्क का नाम था रामगंगा नेशनल पार्क
1936 में स्थापना के समय इस उद्यान का नाम हेली नेशनल पार्क रखा गया था। संयुक्त प्रांत के गवर्नर मैल्कम हेली के नाम पर इस पार्क को यह नाम दिया गया था। स्वतंत्रता मिलने के बाद इस पार्क का नाम रामगंगा नेशनल पार्क रख दिया गया। प्रसिद्ध शिकारी रहे जिम कॉर्बेट की मौत के दो साल बाद 1957 में इसका नाम जिम कार्बेट नेशनल पार्क कर दिया गया। 
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यह है पार्क की विशेषता
उत्तराखंड के नैनीताल और पौड़ी जिले के बीच कॉर्बेट पार्क फैला हुआ है। इसका क्षेत्रफल 1318.54 वर्ग किमी है। इसका प्रमुख क्षेत्रफल 520.8 वर्ग किमी, बफर क्षेत्रफल 797.72 वर्ग किमी है। यहां पेड़ों की 110 प्रजातियां, स्तनधारियों की 50 प्रजातियां, पक्षियों की 580 प्रजातियां और सरीसृप की 25 प्रजातियां रहती हैं। कॉर्बेट पार्क के प्रमुख वन्यजीवों में बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी, तेंदुए, जंगली सूअर, स्लोथ बीयर, सियार, नेवला और मगरमच्छ आदि हैं।

रामगंगा नदी पार्क की है लाइफ लाइन
विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी ने बताया कि रामगंगा नदी पार्क की लाइफ लाइन है। स्वतंत्रता मिलने के बाद पार्क का नाम रामगंगा नेशनल पार्क रखा गया था। कॉर्बेट पार्क के भीतर रामगंगा नदी 821.99 वर्ग किलोमीटर बहती है जिसमें पशु पक्षी विहार करते है, ऐसे में इस पार्क का नाम रामगंगा नेशनल पार्क होना जरूरी है। केंद्रीय वन राज्यमंत्री की गई घोषणा सराहनीय है। 

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने तीन अक्तूबर को कॉर्बेट पार्क भ्रमण के दौरान पार्क का नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क करने की बात कही है। धनगढ़ी म्यूजियम में रखे विजिटर बुक में भी उन्होंने पार्क का नाम रामगंगा नेशनल पार्क लिखा है।
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- राहुल, निदेशक कॉर्बेट नेशनल पार्क 

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