दहेज के दानव ने 21वीं सदी में भी महिलाओं का पीछा नहीं छोड़ा है। हर साल लगभग 400 मुकदमे दहेज प्रताड़ना के दर्ज होते हैं। दहेज के लिए होने वाली हत्याओं में इजाफा दर्ज किया गया है। वर्ष 2018 में 40 महिलाओं की हत्या हुई थी और वर्ष 2019 में यह संख्या 34 रही।
वर्तमान साल में आठ महीनों के भीतर ही यह आंकड़ा 48 पहुंच गया है। इधर, यदि अन्य कारणों से हत्या के मामलों पर ध्यान दें तो यह आंकड़ा 2018, 2019 व 2020 में क्रमश: 34, 41 व 22 रहा।
प्रमुख आंकड़े
अपराध 2020 2019 2018
हत्या 22 41 34
दुष्कर्म 335 368 335
छेड़छाड़ 66 74 68
अन्य- 434 435 447