उन्होंने कहा कि साथ ही लगातार पांच वर्ष से एक ही जिले में कार्य करने वाले बाल विकास परियोजना अधिकारियों को नहीं हटाया गया है, जिनसे चुनाव को प्रभावित करने संभावना प्रतीत होता है। एक अन्य शिकायत में कहा गया है कि चुनाव आचार संहिता की घोषणा के बाद उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत 35 लोगों को विभागीय आधार पर संविदा में नियुक्ति दी गई है, जो खुलेआम चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। जिन लोगों को नियुक्ति दी गई है, उनका नाम स्पष्ट रूप से समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया है। प्रतिनिधिमंडल में सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह, प्रदेश सचिव शांति रावत आदि शामिल थे।