आगामी विधानसभा चुनाव में कोविड गाइडलाइंस को लेकर राजनीतिक दलों ने सुझाव दिया है कि इसमें बदलाव किया जाए। उनका कहना है कि यह गाइडलाइंस उस वक्त की हैं जब कोविड की दूसरी लहर अपने चरम पर थी। यह सुझाव मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बैठक में दलों के प्रतिनिधियों ने दिया।
गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मतदाता संक्षिप्त पुनरीक्षण का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इस बार करीब चार लाख नए पंजीकरण हुए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस बार निर्वाचन आयोग की पहल के तहत 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को घर से ही पोस्टल बैलेट से मतदान का मौका मिलेगा। उन्होंने इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी। उन्होंने कोरोना प्रोटोकॉल के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के बारे में भी बताया। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर तैयारी की गई है।
मास्क, सैनिटाइजर, हैंड ग्लव्स और दिव्यांगजनों के लिए व्हील चेयर, रैम्प, दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा की भी जानकारी दी। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कोविड की जो गाइडलाइंस इन चुनाव में दी जा रही है, वह पश्चिमी बंगाल के चुनाव की उस वक्त की है जब कोविड की दूसरी लहर चरम पर थी। अब कोविड का उतना प्रकोप नहीं है तो इस गाइडलाइंस में भी थोड़ी राहत प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि 80 वर्ष से ऊपर और दिव्यांगों को जो पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जा रही है, उनके मतदान के समय केवल निर्वाचन के अधिकारी ही वहां हों, अन्य किसी भी दल का प्रतिनिधि वहां नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राजनीतिक दलों की बैठक या प्रचार सामग्री की अनुमति को लेकर निर्वाचन कार्यालय की अनुमति की प्रक्रिया काफी जटिल है, जिसे सिंगल विंडो किया जाना चाहिए। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मोबाइल एप का इस्तेमाल करने को लेकर आश्वासन दिया। कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता अनंत आकाश ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और हटवाने के लिए स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। उन्होंने अपने मोहल्ले के एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके निधन के पांच साल बाद भी उनका नाम नहीं हटाया गया है। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने उन्हें नियमों के बारे में अवगत कराया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अन्य दलों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए।
उन्होंने कहा कि पूरा प्रयास किया जाएगा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को जरूरी अनुमतियां आसानी से मिल सकें। निर्वाचन व्यय, विज्ञापनों के प्री-सर्टिफिकेशन आदि के संबंध में भी जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी रविशंकर, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र कुमार, निर्वाचन व्यय के नोडल अधिकारी मनमोहन मैनाली, आईटी के नोडल शैलेंद्र नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
पेड न्यूज और प्रमाणीकरण पर नजर
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पेड न्यूज और प्रमाणीकरण पर निर्वाचन विभाग की खास नजर है। मीडिया निर्वाचन के नोडल अधिकारी नीतिन उपाध्याय के मुताबिक, मीडिया मॉनिटरिंग की पूरी तैयारी के हिसाब से काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों के प्रसारण के लिए भी कहां अनुमति की जरूरत होगी, सभी प्रत्याशियों को बताया जा चुका है। मीडिया के लिए आगामी चुनाव के मद्देनजर ऐसी सुविधा दी जाएंगी, जिससे उन्हें अपनी कवरेज के दौरान परेशानी न हो।