लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत से हरक का टकराव पिछले कुछ महीनों में बढ़ता चला गया। उन्होंने दिलीप को लेकर तमाम तरह के बयान दिए। हरक, लैंसडौन सीट से अपनी पुत्रवधू अनुकृति को चुनाव लड़वाना चाहते थे। इसी टकराव ने उन्हें निष्कासन तक पहुंचा दिया।
बार-बार दिल्ली दौड़
बात-बात पर रूठने की फितरत और फिर दिल्ली में आला नेताओं के सामने शिकायत का सिलसिला हरक ने खूब चलाया। इन पांच साल के कार्यकाल में करीब 20 बार तो वह रूठकर दिल्ली के नेताओं के पास पहुंचे। इससे भी पार्टी कई बार असहज हुई।