नाराजगी से जुड़े प्रश्न पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि मुझे तो जानकारी नहीं है कि मैं नाराज हूं। मैं नाराज क्यों होने लगा। मेरा ऐसा कोई बयान भी नहीं आया। मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं। जो भी जिम्मेदारी दी जाती है उसका निर्वहन करता हूं। ऐसा कुछ भी नहीं है। नाराजगी का प्रश्न नहीं होता। मैं जहां पर हूं ईमानदारी, निष्ठा व समर्पण भाव से काम कर रहा हूं। आगे भी जो जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं निभाऊंगा।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बड़े नेता हैं
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के दलित चेहरे को मुख्यमंत्री देखने के प्रश्न पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि रावत बड़े नेता हैं, वह छोटे से कार्यकर्ता हैं। दलित को सीएम बनाने की बात उन्होंने किस संदर्भ में कही, वह नहीं जानते। उनकी बातों का क्या अर्थ है और क्या मायने हैं। उनकी एक बात के कई मायने होते हैं।
ऐसी चर्चाएं हैं कि आर्य कांग्रेस में जा सकते हैं, इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। आपने उनके बयान देखे होंगे। जिस खटीमा सीट से वह
विधायक हैं, उस पर आर्य 30 साल पहले विधायक थे। हमारी सरकार पूरे प्रदेश के लिए काम कर रही है। आर्य ने बाजपुर में 20 गांवों के मालिकाना हक दिलाने का मामला उठाया था। 20 गांव में मालिकाना हक मिल गया है। वह लगातार काम कर रहे हैं।