फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड चुनाव 2022: सरकारी और प्राइवेट प्रॉपर्टी से हटने लगी प्रचार सामग्री, चुनाव आयोग ने दिया इतना समय

Sun, 09 Jan 2022 11:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड की मुख्य चुनाव अधिकारी सौजन्या ने बताया कि 24 घंटे के भीतर सभी सरकारी संपत्तियों से प्रचार सामग्री हटाई जाएगी। 48 घंटे के भीतर सभी बस, बिजली के खंभों आदि सरकारी संपत्तियों से प्रचार सामग्री हटाई जाएगी।
विज्ञापन
election - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लागू होने के साथ ही नेताओं के पोस्टर, बैनर, दीवारों पर लिखी हुई प्रचार सामग्री हटाने को लेकर पहला अभियान शुरू हो गया है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। रविवार को राज्य में हल्द्वानी शहर भर से होर्डिंग्स व पोस्टर उखाड़े गए।

विज्ञापन


उत्तराखंड की मुख्य चुनाव अधिकारी सौजन्या ने शनिवार को बताया था कि 24 घंटे के भीतर सभी सरकारी संपत्तियों से प्रचार सामग्री हटाई जाएगी। 48 घंटे के भीतर सभी बस, बिजली के खंभों आदि सरकारी संपत्तियों से प्रचार सामग्री हटाई जाएगी। 72 घंटे के भीतर सभी निजी संपत्तियों से भी अवैध प्रचार सामग्री को हटा दिया जाएगा। कुल मिलाकर 72 घंटे के भीतर सभी दीवारों, खंभों, वाहनों से प्रचार सामग्री को हटाया जाएगा।

Uttarakhand Election 2022 Date: सत्ता परिवर्तन को लेकर राज्य में रहा है ये मिथक, इस बार सभी की नजर
विज्ञापन


सीईओ सौजन्या के मुताबिक, इस सफाई अभियान को चलाने के लिए हर विधानसभा में तीन-तीन सचल दल बनाए गए हैं। प्रत्येक सचल दल में एक मजिस्ट्रेट और बाकी पुलिसकर्मी होंगे। यह दल हर विधानसभा के हर कोने-कोने तक जाकर रिपोर्ट करेगा और प्रचार सामग्री को हटवाएगा। उन्होंने बताया कि अगर किसी ने बाकायदा अनुमति लेकर प्रचार सामग्री लगाई होगी तो उसे नहीं हटाया जाएगा।

नेताओं की सभा पर निगरानी करेगी तीन स्तरीय टीम
नेताओं की किसी भी सभा की निगरानी के लिए तीन स्तरीय वीडियो टीमें बनाई गई हैं। एक टीम वीडियो सर्विलांस टीम होगी जो कि कार्यक्रम स्थल पर जाकर पूरी रिकॉर्डिंग करेगी। दूसरी टीम, वीडियो व्यूइंग टीम होगी जो कि बनाई गई वीडियो का विश्लेषण करेगी। तीसरी टीम इस विश्लेषण के आधार पर उस सभा के खर्च का ब्यौरा तैयार करेगी।

स्टार प्रचारकों की संख्या में कटौती, प्रत्याशी के खर्च की सीमा बढ़ी
विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों का तड़का लगाना इस बार राजनीतिक दलों के लिए थोड़ा टेढ़ा काम होगा। चुनाव आयोग ने स्टार प्रचारकों की संख्या में कमी कर दी है जबकि प्रत्याशियों के खर्च की सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दी है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर के राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या 40 से घटाकर 30 कर दी गई है। अपंजीकृत दलों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या 20 से घटाकर 15 कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इन स्टार प्रचारकों को चुनाव प्रचार से कम से कम 48 घंटे पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। इस आधार पर ही वह चुनाव प्रचार कर सकेंगे। वहीं, प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा इस बार आयोग ने बढ़ा दी है। खर्च की सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 40 लाख कर दी गई है।

विज्ञापन

भीड़ के बजाए वर्चुअल माध्यम से प्रचार पर जोर

कोविड काल में जनसुरक्षा के मद्देनजर चुनाव आयोग का जोर भीड़ वाले कार्यक्रमों के बजाए वर्चुअल या अन्य ऐसे ऑनलाइन माध्यमों पर है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में 15 जनवरी तक किसी भी तरह की रैली, जनसभा, साइकिल यात्रा, वाहन रैली आदि राजनीतिक गतिविधियों पर रोक रहेगी।

उत्तराखंड में जनसभा के लिए 601 स्थान चिन्ह्ति
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल के तहत कई सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रदेश में 601 स्थान चिन्ह्ति किए गए हैं, जहां प्रत्याशी या राजनीतिक दल अपने आयोजन कर सकेंगे। यह ऐसे स्थान हैं, जहां कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना आसान होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में रैली या जनसभा स्थल चिन्ह्ति किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिस भी दल को यहां रैली करनी होगी, उसे ऑनलाइन सुविधा ऐप के माध्यम से आवेदन करना होगा। जनसभा के लिए आवेदन की प्रक्रिया केवल ऑनलाइन रहेगी, जो पूर्ण पारदर्शी होगी। उन्होंने बताया कि जनसभा में राजनीतिक दलों और नेताओं की जिम्मेदारी होगी कि वह हर आने वाले की थर्मल जांच करवाएं। उसे मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्हें आवेदन करते समय अंडरटेकिंग देनी होगी। इसके बाद किसी भी दल या प्रत्याशी को जनसभा की इजाजत नहीं मिलेगी।

नियम तोड़े तो आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया कोविड प्रोटोकॉल के तहत आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत चलेगी। अगर किसी भी दल या प्रत्याशी ने कहीं भी नियमों का उल्लंघन किया तो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जीत के बाद कोई जुलूस नहीं, नामांकन में भी बंदिशें
इस बार के चुनाव में नामांकन, जमानत राशि आदि जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन भी शुरू की गई है। ऑफलाइन नामांकन के दौरान प्रत्याशी के साथ केवल दो लोग ही भीतर जा सकेंगे। जीतने वाले प्रत्याशी को जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें