प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दलों की ओर से जारी घोषणा पत्रों में पर्यावरण को खास महत्व न दिए जाने से पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता निराश हैं। उनका कहना है कि इतने संवेदनशील मुद्दे के प्रति राजनीतिक दल गंभीर नहीं हैं।
पद्यश्री और मैती आंदोलन के संस्थापक कल्याण सिंह रावत के मुताबिक प्रदेश में किसी भी दल को पर्यावरण की कोई चिंता नहीं है। यही वजह है कि इस मसले पर कोई बात करना नहीं चाहता। जबकि पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पहाड़ के जंगलों में विदेशी घास उग आने से चारे का संकट शुरू हो गया है।
यही वजह है कि लोगों ने मवेशी पालने छोड़ दिए हैं। बुग्याल खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। जिनके बिना नदियों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। किसी भी पार्टी के घोषणापत्र में बुग्यालों के संरक्षण की बात नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल कहते हैं कि सतत विकास के लिए पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर चलना होगा, लेकिन राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में इसकी अनदेखी दुखद और चिंता का विषय है।
भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में शहरों के लिए जहां स्मार्ट टाउन प्रोजेक्ट की बात की है तो गांवों के लिए स्मार्ट विलेज की भी घोषणा की है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूूर्ण प्रतिबंध लगाने, प्रदूषण से निपटने और पर्यावरण संरक्षित करने के लिए अनुसंधान व नवाचार परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। जंगलों की आग को रोकने के लिए ठोस उपाय करने, जंगली जानवरों के निर्बाध आवाजाही के लिए देहरादून हाथी कॉरिडोर की तर्ज पर उत्थित वन्यजीव गलियारे का निर्माण की घोषणा की है।
हल्द्वानी, देहरादून और हरिद्वार में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की घोषणा की है। हर घर नल से पानी उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों में झरनों, तालाबों और चालखाल की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित करने को कार्यक्रम बनाने, नदियों को सदानीरा बनाए रखने के लिए मिशन भागीरथी अभियान चलाने की घोषणा की। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून के क्षेत्रों में उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी से निपटने के लिए एफ्लुएंट उपचार संयंत्र स्थापित करने का एलान किया है।
शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट टाउन प्रोजेक्ट के माध्यम से विकास को आगे बढ़ाने और सीसीटीवी यूनिटें लगाने की बात की। सभी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट लाइट में बदलने, शहर के केंद्रों में वाई फाई हॉट स्पॉट स्थापित करने, शहरी कचरा प्रबंधन में सुधार के लिए देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और नैनीताल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट्स स्थापित करने की घोषणा की।
मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण की घोषणा
भाजपा ने प्रदेश की मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण की घोषणा की है। नगर निगमों में गरीबों को किफायती व गुणवत्ता वाले आवास उपलब्ध कराने के लिए रेंटल हाउसिंग कांप्लेक्स बनाने की बात भी की। शहरों के लिए शहरी बुनियादी ढांचा विकास कोष की स्थापना, महानगरों के असंगठित विस्तार को कम करने के लिए फ्लोर स्पेस इंडेक्स और जोनिंग मानदंडों में आवश्यक परिवर्तन के माध्यम से सघन आवास को प्रोत्साहित करने का भी एलान किया।
हर ग्राम पंचायत में 2025 तक एक एटीएम
भाजपा ने गांवों के विकास के लिए स्मार्ट विलेज प्रोग्राम की तर्ज पर विकास की बात की है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के साथ मिलकार 2025 तक हर ग्राम पंचायत में एक एटीएम लगाने, सुसज्जित सामुदायिक और मनोरंजन केंद्र स्थापित करने, ग्रामीण युवाओं को वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से स्वरोजगार की सुविधा के लिए वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करने का एलान किया।
मजबूत वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली का निर्माण करने की बात भी कही। यह भी एलान किया है कि पंचायत स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यक्रम के माध्यम से सभी पंचायतों में आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पांच साल में एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रर्बन कलस्टर कार्यक्रम को छह से बढ़ाकर दस करने पर जोर देते हुए मनरेगा श्रमिकों के वेतन में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की बात की है।