रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने धारचूला-लिपुलेख सड़क का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धारचूला- लिपुलेख सड़क सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कोई भी व्यक्ति अब आसानी से कैलाश मानसरोवर के दर्शन कर वापस लौट सकता है। कुछ देश लिपुलेख सड़क को लेकर भारत और नेपाल में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे। क्योंकि भारत और नेपाल का रोटी-बेटी का संबंध है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच दुनिया की कोई भी ताकत भ्रम नहीं फैला सकती है। हमारे रिश्ते और दोस्तों को कोई नहीं तोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व नेपाल आर्मी के चीफ प्रभु राम शर्मा आए थे। हमारे राष्ट्रपति ने उन्हें जनरल ऑफ इंडियन आर्मी ऑनरेरी की मानद उपाधि दी। ऐसा रिश्ता है हमारा और नेपाल का। पड़ोसी चाहे कुछ भी कर लें, लेकिन हमारे बीच दरार नहीं डाल सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेता मौजूद
सम्मान समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, सांसद अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल आदि मौजूद रहे।
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक से शुरू हुई शहीद सम्मान यात्रा
कुछ दिन पहले चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के सवाड़ गांव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शहीद सम्मान यात्रा का शुभारंभ किया था। इस दौरान प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी। इस मौके पर शहीदों के परिजनों को ताम्रपत्र भेंटकर सम्मानित किया गया था। वहीं, देहरादून में बन रहे सैन्यधाम के लिए सवाड़ गांव से मिट्टी भी ली गई।
सैन्य धाम में लाई जाएगी शहीद सैनिक के घर के आंगन की मिट्टी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में सैन्य धाम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पुरुकुल में भूमि हस्तांतरित कर दी है। सैन्य धाम में एक भव्य स्मारक के साथ म्यूजियम, बहादुरी पदक गैलरी, महत्वपूर्ण लड़ाइयों का विवरण एवं सेना से जुड़े अन्य कई साजो सामान को भी प्रदर्शित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा।
इस पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इससे पहले राज्यभर में शहीद सम्मान यात्रा निकाली जा रही है। जिसमें प्रदेश के प्रत्येक शहीद सैनिक के घर के आंगन की मिट्टी देहरादून के सैन्य धाम में लाई जाएगी। इसे निर्माण स्थल पर स्मारक के निर्माण में प्रयोग किया जाएगा।